कई घंटे प्रसव पीड़ा से तड़पती रही महिला
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। प्रसव पीड़ा से छह घंटे तक तड़फती रही महिला को सीएचसी चिकित्सकों द्वारा समय से न तो इलाज दिया गया और न ही जिला चिकित्सालय रेफर करने के बाद एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। प्रसव पीड़ा में महिला को पैदल ही बस स्टैंड तक जाना पड़ा। वहां भी कोई वाहन न मिलने पर वह सीएचसी में आकर बाहर बैंच पर लेटी रही। लंबे इंतजार के बाद एंबुलेंस की व्यवस्था कराई गई।
गांव सांचलू निवासी मंजू कुमार अपनी पत्नी रचना का प्रसव कराने के लिए 20 जून की शाम चार बजे रामपुर मनिहारान सीएचसी लेकर आया था। जहां पहले तो चिकित्सकों ने कहा कि प्रसव यहीं पर हो जाएगा मगर रात नौ बजे रचना को सहारनपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर करने को कहा गया। रचना के पति ने चिकित्सकों से कहा कि वह 102 एंबुलेंस की व्यवस्था करा दें। आरोप है इस पर चिकित्सकों ने उसे अपने ही वाहन से जाने के लिए कहा। उधर, रचना को प्रसव पीड़ा हो रही थी। इसी हालत में वह पैदल ही बस स्टैंड तक पहुंची। लेकिन रात होने के कारण वहां सहारनपुर जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला।
इसके बाद वह सीएचसी लौट आई और केंद्र के बाहर ही उसे लिटा दिया गया। महिला का पति बार-बार 102 एंबुलेंस बुलाने की चिकित्सकों से गुहार लगाता रहा। लेकिन चिकित्सकों का दिल नहीं पसीजा। बाद में सूचना पर सीएचसी पहुंचे मीडिया कर्मियों को देख चिकित्सकों ने आनन फानन में 102 कंट्रोल को फोन किया। इसके बाद एंबुलेंस से महिला को जिला चिकित्सालय भेजा गया। केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डा. सर्वेश का कहना है कि महिला के पति ने कंट्रोल पर फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। इस कारण एंबुलेंस व्यवस्था नहीं हो पाई थी।