सहारनपुर। शासन ने पोर्टल पर पंजीकृत जिलेभर के मदरसों की नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं। मदरसों की जांच जिला स्तरीय अधिकारी करेंगे। हर अधिकारी को दस-दस मदरसों की जिम्मेदारी दी जाएगी। 15 दिन में जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
दरअसल, शासन के पोर्टल पर 687 मदरसे पंजीकृत हैं। इन सभी पंजीकृत मदरसों की जांच का निर्णय लिया गया है। इसके लिए अल्पसंख्यक विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत में ही मदरसों की जांच की जाएगी। ऐसे आठ ऐसे बिंदु तय किए गए हैं, जिन पर इन मदरसों को जांचा जाएगा। मानक न पूरा करने वाले मदरसों की रिपोर्ट बनाई जाएगी। इसे शासन को भेजा जाएगा। मदरसों की जांच जिन आठ बिंदुओं पर की जाएगी। उनमें मदरसा की मान्यता की स्थिति, सोसायटी रजिस्ट्रीकरण या नवीनीकरण की स्थिति को जांचा जाएगा। इसके अलावा छात्रों की पंजीकृत संख्या, निरीक्षण के समय उपस्थिति, यू-डायस नंबर, पैन नंबर, अपार आईडी अपडेशन की स्थिति को परखा जाएगा। मदरसे के भवन की स्थिति, भवनों की संख्या कितनी है और कमरे कितने वर्ग फीट के हैं। इसकी भी जांच होगी। मदरसे की भूमि निजी है या किराए की भूमि पर संचालित है। मदरसा पोर्टल पर अपलोड है या नहीं और कितने शिक्षक पढ़ा रहे हैं। इन सभी की जांच होगी।
एटीएस कर रही है मकतब की जांच
मदरसों के अलावा पिछले कई माह से मकतबों की जांच भी चल रही है, जो एटीएस कर रही है। सहारनपुर मंडल में 473 मकतब हैं, जिनकी संपत्ति, पंजीकरण और फंडिंग की जांच की जा रही है। कुछ मकतबों की जांच पूरी हो चुकी है। इसमें काफी ऐसे मकतब है जो फाइलों में चल रहे हैं, लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नहीं है।
जनपद में संचालित मदरसों की जांच की जाएगी। जांच के लिए आठ बिंदु बनाए गए हैं। 15 दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी। जिले में 687 मदरसे पोर्टल पर पंजीकृत है।
- सुमन गौतम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी