देवबंद (सहारनपुर)। नागल ब्लाक के गांव खटौली में ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण ने जिलाधिकारी के यहां शिकायत की थी। डीएम के आदेश पर डीपीआरओ ने जांच के लिए आठ सदस्यीय टीम का गठन किया है। जो संबंधित मामले की जांच कर रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी।
खटौली के ग्रामीण मोनू त्यागी ने डीएम को भेजे प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान ने अपने कार्यकाल दौरान तालाब की भूमि खसरा नंबर 282 में मिट्टी भराव में 79 हजार 450 रुपये, तालाब से पानी की निकासी में 1 लाख 2200 रुपये, सीसी निर्माण में 12 लाख 83 हजार 95 रुपये समेत अन्य कार्यों पर जो खर्च दिखाया है उसमें भारी अनियमितता बरती गई है। डीएम आलोक पांडेय ने मामले का संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ को टीम गठित कर संबंधित प्रकरण की जांच कराकर आख्या मांगी है। डीएम के आदेश पर डीपीआरओ सतीश कुमार ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता जगबीर शर्मा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम गठित की है। जो मामले की जांच कर रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी। विकास खंड के बीडीओ आरपी शर्मा ने बताया कि संबंधित मामले में ग्राम प्रधान और सचिव को पत्र जारी कर गांव में हुए विकास कार्यों का लेखा जोखा कार्यालय में जमा कराने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित प्रकरण की जांच में आया पत्र शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध करा दिया गया है।
- संबंधित मामले की जांच के लिए 8 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। रिपोर्ट मिलते ही उसे डीएम को सौंप दिया जाएगा। मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- सतीश कुमार, डीपीआरओ
- विकास कार्यों में पारदर्शिता बरती गई है। उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन पर लगे आरोप बेबुनियाद है।
- जमील अहमद, ग्राम प्रधान खटौली