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तेज आंधी से ट्रैक पर गिरा पेड़, आठ घंटे बाधित रहा रेलमार्ग

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तेज आंधी से ट्रैक पर गिरा पेड़, आठ घंटे बाधित रहा रेलमार्ग
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देवबंद (सहारनपुर)। देवबंद नागल और टपरी रेलवे स्टेशन के बीच में शनिवार रात मूसलाधार बारिश के साथ चली तेज आंधी में एक भारी भरकम पेड़ रेलवे ट्रैक पर गिर गया। इससे करीब आठ घंटे ट्रेनों का आवागमन बाधित रहा। रविवार सुबह करीब छह बजे रेलवे ट्रैक खाली होने के बाद ही ट्रेन अपने गंतव्य को रवाना हो सकी।
मानसून की विदाई पिछले दो दिन से बारिश कहर बरपा रही है। शनिवार रात मूसलाधार बारिश के साथ चली तेज आंधी के कारण जहां गेहूं, गन्ना आदि फसलें जमीन पर बिछने से किसानों को भारी नुकसान पहुंचा हैं वहीं, नागल और टपरी के बीच में एक पुराना भारी भरकम पेड़ टूटकर रेलवे ट्रैक पर गिर गया। इससे सहारनपुर और दिल्ली रेलमार्ग बाधित हो गया। रेलवे विभाग के अधिकारियों को जैसे ही ट्रैक पर पेड़ गिरने की सूचना मिली तो उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद ट्रेनों को एक दूसरे स्टेशनों पर खड़ा कर दिया गया।
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बता दें कि दिल्ली और सहारनपुर मार्ग पर रात में 12 से अधिक अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। हादसे की आशंका से बचने के लिए न हो इसके लिए ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोका गया। साथ ही संबंधित विभाग के कर्मचारियों को लगाकर रेलवे ट्रैक से पेड़ को हटाया गया। इसके चलते दिल्ली से चलने वाले छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन को करीब साढ़े पांच घंटे देवबंद स्टेशन पर खड़ा करना पड़ा। इस कारण यात्रियों को करीब आठ घंटे भारी परेशानी उठानी पड़ी। स्टेशन अधीक्षक इकराम अली ने बताया कि शनिवार रात करीब 12 बजे नागल और टपरी के बीच में ट्रैक पर पेड़ गिरा। इसके चलते दिल्ली और सहारनपुर से चलने वाली ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ा किया गया। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह करीब छह बजे ट्रेनों का आवागमन सुचारु हो सका। इसके बाद ही रेलवे अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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इन प्रमुख ट्रेनों का संचालन हुआ बाधित
- नागल देवबंद मार्ग पर रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने के कारण प्रभावित प्रमुख ट्रेनों में छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, फ्रंटियर मेल, आनंद विहार जम्मूतवी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस के अलावा सहारनपुर से दिल्ली के लिए रात से सुबह तक चलने वाली तीन पैसेंजर ट्रेनों सहित अन्य शामिल रहीं। रेलवे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रास्तों में संचालन बाधित होने से इन गाड़ियों का आवागमन तीन घंटे से लेकर आठ घंटे तक के लिए बाधित हुआ। ट्रेनों के बीच में रुके रहने से हजारों मुसाफिरों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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