फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भीम आर्मी और पुलिस के बीच नोकझोंक, हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
भीम आर्मी और पुलिस के बीच नोकझोंक, हंगामा
विज्ञापन

सहारनपुर। देहरादून रोड स्थित संत रविदास छात्रावास में पत्रकार वार्ता करने पहुंचे भीम आर्मी पदाधिकारियों और थाना जनकपुरी पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके बावजूद भीम आर्मी पत्रकार वार्ता करने में सफल रही। बाद में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने छात्रावास के बाहर आकर सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण की रिहाई के बाद प्रशासन और पुलिस भीम आर्मी की एक-एक गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। कहीं न कहीं प्रशासन को फिर से हालात बिगड़ने की आशंका भी परेशान कर रही है। भीम आर्मी ने शनिवार दोपहर को संत रविदास छात्रावास में पत्रकार वार्ता बुलाई थी। मगर प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन, राष्ट्रीय प्रवक्ता मंजीत नौटियाल और जिलाध्यक्ष कमल वालिया अपने 50 से अधिक समर्थकों के साथ छात्रावास पहुंचे। वहां पहले से डेरा जमाए थाना जनकपुरी इंस्पेक्टर सुशील दुबे ने उन्हें अनुमति नहीं होने की वजह से पत्रकार वार्ता करने से रोका। इस बात को लेकर भीम आर्मी के पदाधिकारी भड़क उठे। इस दौरान जिलाध्यक्ष कमल वालिया और इंस्पेक्टर सुशील दुबे के बीच तीन बार तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस के बार-बार रोकने के बावजूद भीम आर्मी पदाधिकारी पत्रकार वार्ता करने में सफल रहे। साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष ने मीडियाकर्मियों को अलग-अलग बाइट भी दी। बाइट देने के दौरान भी इंस्पेक्टर जिलाध्यक्ष कमल वालिया पर भड़क उठे। पुलिस के रवैये से नाराज भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने छात्रावास परिसर के साथ ही बार देहरादून रोड पर आकर भी सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
विज्ञापन

-----------------------------------------
चंद्रशेखर की रिहाई के बाद हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी मीडिया को देने के लिए हमने शनिवार को छात्रावास में पत्रकार वार्ता बुलाई थी, मगर हमसे पहले पुलिस छात्रावास में मौजूद थी। प्रशासन अपना रवैया बार-बार बदल रहा है। कभी अनुमति देता है तो कभी मना कर देता है। लोकतंत्र में ऐसा नहीं होता। भीम आर्मी समाज हित के लिए काम करने वाला संगठन है, जो संविधान के दायरे में रहकर काम करता है। ऐसे में प्रशासन बेवजह का दबाव न बनाए।
विनय रतन, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भीम आर्मी।
----------------------------------------
संत रविदास छात्रावास में हमने पहले भी पत्रकार वार्ताएं की हैं। शनिवार को भी हम शांतिपूर्ण ढंग से केवल पत्रकार वार्ता ही करने पहुंचे थे, मगर पुलिसकर्मियों ने हमें रोकने की कोशिश की। हमारे साथियों के साथ पुलिस के लोगों द्वारा बदसलूकी की गई। यह ठीक नहीं है। संगठन समाज हित में संविधान के दायरे में रहकर अपना काम करता रहेगा।
विज्ञापन

कमल वालिया, जिलाध्यक्ष, भीम आर्मी।
----------------------------------------
पत्रकार वार्ता करने से रोकने की केवल एक वजह यह थी कि पत्रकार वार्ता संत रविदास छात्रावास में की जा रही थी, जो कि छात्रों से जुड़ा स्थान है और सरकारी संपत्ति है। यदि भीम आर्मी के लोग अपने घर या किसी होटल में पत्रकार वार्ता करते तो हम नहीं रोकते।
सुशील दुबे, प्रभारी थाना जनकपुरी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें