सरसावा (सहारनपुर)। सरसावा खंड विकास कार्यालय के दो ग्राम सचिवों ने पांच ठेकेदारों पर शौचालय निर्माण के लिए केंद्र सरकार से आई लाखों रुपये की धनराशि को हड़पने के बाद भागने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है।
सरसावा विकास खंड के ग्राम सचिव विनोद सैनी तथा संदीप बालियान ने कुछ ठेकेदारों पर कार्य पूरा किए बगैर सरकारी पैसा हड़प कर भाग जाने का आरोप लगाया है। ग्राम सचिव विनोद सैनी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम बुढ़ेड़ा, अगवानहेड़ा, गदरहेड़ी, घाघोंड़ तथा टोडरपुर गांवों को खुले में शौच मुक्त कराने के लिये शौचालयों का निर्माण होना था जिसके लिये उन्होंने ग्राम धोलापड़ा निवासी चार ठेकेदारों शमशाद को बुढ़ेडा में शौचालय का निर्माण करने के लिये दो लाख 60 हजार रुपये, घाघोंड़ के लिए महताब को दो लाख 60 हजार रुपये, टोडरपुर के लिये मुर्तजा को 15 हजार रुपये, इसरार को ग्राम गदरहेड़ी के लिए 80 हजार रुपये, बुढे़डा निवासी मैनपाल को ग्राम अगवानहेड़ा में शौचालय निर्माण के लिये 54 हजार रुपये की धनराशि के चेक दिये थे। जिसकी कुल रकम पौने 7 लाख रुपये बैठती है। आरोप है कि सभी ठेकेदारों ने बैंकों से चैक तो कैश करा लिए लेकिन काम नहीं किया। जब उन्होंने ठेकेदारों से शौचालयों का निर्माण कराने के लिये संपर्क साधा तो पहले तो सभी काम से कन्नी काटने लगे। लेकिन कुछ समय बाद सभी ठेकेदार रकम लेकर फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि जिस खाते के चेक ठेकेदारों को दिये गए वह सरकारी खाता है। इस मामले में ग्राम विनोद सैनी एवं संदीप बालियान ने थाना में आरोपी ठेकेदारों के खिलाफ तहरीर दी है।
इस संबंध में बीडीओ सरसावा रविप्रकाश सिंह का कहना है कि कहा कि मामला उनकी जानकारी में है लेकिन पैसा कामगारों के लिए दिया गया था।
यह तो नियमविरुद्ध है
बता दें कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिन गांवों में शौचालयों का निर्माण होना है, वहां केवल लाभार्थी ही निर्माण करा सकता है, जिसके लिए धनराशि लाभार्थी के खाते में ही भेजी जाती है। लेकिन यहां मामला बिल्कुल उलट है, सारा कार्य ठेकेदारों से कराया जा रहा था जो नियम विरुद्ध है।