अल्लाह की इबादत में झुके लाखों सिर
सहारनपुर। ईद-उल-अजहा का पर्व शहर में हर्षोल्लास और परंपरागत तरीके से मनाया गया। बारिश के कारण निर्धारित समय से 15 मिनट देरी से ईदगाह में नमाज अदा की गई। इसके साथ ही शहर की तमाम मस्जिदों में नमाज अदा की गई। इस दौरान देश में भाईचारे बनाए रखने और अमन-चैन की दुआ कराई गई। लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। नमाज के बाद कुर्बानी की गई।
शनिवार की सुबह से हो रही बारिश के बीच अंबाला रोड स्थित ईदगाह में नमाज अदा करने के लिए नमाजियों का पहुंचना शुरू हो गया। ईदगाह में शहर काजी सुल्तान अख्तर के पुत्र नायब काजी नदीम अख्तर ने बारिश रुकने के बाद नौ बजे नमाज अदा कराई। नमाज के बाद अमन-चैन के लिए दुआ कराई गई। इसके बाद ईदगाह में मौजूद जिलाधिकारी पीके पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार, नगरायुक्त गौरव वर्मा, एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने मुस्लिम समाज के लोगों से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। नमाज के दौरान अंबाला रोड पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही। पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजात किए। ईदगाह के अलावा शहर की प्रमुख जामा मस्जिद सहित तमाम मस्जिदों की ईद की नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद में प्रबंधक मौलवी फरीद ने नमाज कराई।
महिलाओं का करें सम्मान : नायब शहर काजी
सहारनपुर। ईदगाह में नमाज से पूर्व नायब काजी नदीम अख्तर ने अपनी तकरीर में मुस्लिम समाज के लोगों से बुराइयों से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पैगंबर इब्राहिम ने खुदा की राह में अपने पुत्र की कुर्बानी दी थी। लोगों को पैगंबर इब्राहिम और उनकी पत्नी अम्मा हाजरा के जीवनकाल से सीख लेनी चाहिए। जिन्होंने अल्लाह की राह में अपना पुत्र कुर्बान कर दिया था। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नशे में अपनी पत्नियों पर जुल्म करते हैं। उनको तलाक दे देते हैं, जिससे पूरा समाज बदनाम होता है और जिंदगी बर्बाद हो जाती है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की इज्जत करें उन्हें सम्मान दें।