देवबंद। दारुल उलूम ने अपनी वेबसाइट पर सफीरों (चंदा लेने वालों) के संबंध में जानकारी अपलोड की है। इसका उद्देश्य चंदा देने वाले लोगों को धोखाधड़ी से बचाना है। इतना ही नहीं अब दारुल उलूम की वेबसाइट पर जाकर आय व्यय का ब्योरा भी देखा जा सकता है।
इस्लामी तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम ने छात्रों को दी जानी वाली शिक्षा से लेकर उनकी संख्या, देवबंदी उलमा का इतिहास और पाठ्यक्रम तक की तमाम जानकारियां अपनी वेबसाइट पर डाली हुई हैं। इससे एक कदम और आगे बढ़ते हुए संस्था के इंटरनेट विभाग ने अब दारुल उलूम के लिए चंदा इकट्ठा करने वाले सफीरों की जानकारी को भी वेबसाइट पर अपलोड किया है। अकसर देखने में आया है कि बाहरी लोग दूसरे राज्यों में जाकर धोखाधड़ी करते हुए दारुल उलूम के नाम से चंदा इकट्ठा करते हैं। जिनका संस्था से दूर दूर तक का वास्ता नहीं होता। इसलिए अब चंदा लेने वाले सफीर की फोटो, पता और मोबाइल नंबर को वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। ताकि लोगों को धोखाधड़ी से बचाया जा सके। साथ ही वेबसाइट पर वार्षिक बजट की जानकारी और संस्था में होने वाले नवीन कार्यों पर कितना खर्च होगा इन सबकी जानकारी को भी वेबसाइट पर डाली गई है। बता दें की पूर्व में दारुल उलूम ने वेबसाइट पर फतवों से लेकर संस्था से जुड़ी तमाम छोटी बड़ी जानकारियां अपलोड की हुई है।