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पुनर्मूल्यांकन के बाद छात्र बना कालेज टॉपर

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बड़गांव (सहारनपुर)। एक छात्र ने कला विषय की बोर्ड परीक्षा में अनुमान से कम अंक मिलने पर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। न्यायालय ने निरीक्षक पैनल को न्यायालय में बैठाकर छात्र की उत्तर कापी का अवलोकन कराया। पैनल ने छात्र को कला विषय में मिले 26 अंकों को गलत पाया और पुन: कापी का निरीक्षण कर 54 अंक दिए। छात्र कला में 54 अंक पाकर अपने कॉलेज का टापर बन गया।
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क्षेत्र के जड़ौदा पांडा निवासी छात्र मयंक त्यागी ने बीएनडी इंटर कॉलेज से गत वर्ष उत्तर प्रदेश माध्यमिक बोर्ड इलाहाबाद से कक्षा 10 की परीक्षा दी थी। छात्र को 70 अंक की कला विषय की परीक्षा में उत्तर कापी निरीक्षक ने मात्र 26 अंक मिले थे, जबकि उसे 65 अंक मिलने की संभावना थी। छात्र ने यूपी बोर्ड से पुन: मूल्यांकन की गुहार लगाई। छात्र की गुहार को बोर्ड ने ठुकरा दिया। बाद में छात्र ने जनसूचना अधिकार नियम 2005 के तहत अपनी उत्तर कापी की जानकारी मांगी तो यहां भी बोर्ड ने जवाब देने से इंकार कर दिया। इसके बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने पुनर्मूल्यांकन के लिए पांच सदस्यीय पैनल गठित करने के निर्देश दिए। 14 फरवरी को पैनल ने न्यायालय में उपस्थित होकर उत्तरकापी का दोबारा मूल्यांकन करते हुए छात्र को कला विषय में दिए गए 26 अंक को गलत पाया और पुन: मूल्यांकन करते हुए 70 अंक की परीक्षा में 54 अंक दिए। न्यायालय ने बोर्ड को गलती सुधारकर एक सप्ताह में छात्र को दूसरी अंक तालिका जारी करने के निर्देश दिए हैं।
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