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जिला कारागार में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव

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जिला कारागार में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव
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सहारनपुर। जिला कारागार में बंदियों के लिए अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं की कमी के चलते उपचार के लिए बंदियों को जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। अधिक गंभीर बीमारी होने पर मेरठ मेडिकल के लिए रेफर किया जा रहा है।
सहारनपुर के जिला कारागार में तीस बेड का अस्पताल बना हुआ है, लेकिन अस्पताल में तमाम सुविधाओं का अभाव है। जेल अधिकारियों के मुताबिक जिला कारागार के अस्पताल में कम से कम तीन फार्मासिस्ट होने चाहिए, लेकिन सिर्फ एक फार्मासिस्ट ही तैनात है। चिकित्सकों के दो पद हैं, जबकि बंदियों की संख्या को देखते हुए कम से कम चार चिकित्सक होने चाहिए। यहां सिर्फ एक चिकित्सक ही तैनात है। अस्पताल में लैब की भी कोई व्यवस्था नहीं है। रोजाना लगभग 60 लोग बीमार अस्पताल में आते हैं, लेकिन बेड सिर्फ 30 होने के कारण बारी-बारी से भर्ती किया जा रहा है। कारागार में गंभीर बीमारियों के अभी भी मरीज हैं। जिनमें कैंसर से पीड़ित दो मरीज हैं, जबकि टीबी की बीमारी से पीड़ित तीन मरीज हैं। बताया जा रहा है कि यहां से मरीजों की संख्या बढ़ने पर जिला अस्पताल के लिए बंदियों को भेज दिया जाता है। यहां तक कि दांत दर्द, पेट दर्द की शिकायत पर भी जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। कुछ माह पूर्व एक बंदी को सिर्फ दांत दर्द के उपचार के लिए पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया फिर मेरठ मेडिकल के लिए भेज दिया गया। पेट दर्द की शिकायत होने पर भी हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया।
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- समीक्षा बैठक में दी जाती है रिपोर्ट
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डाक्टर वीरेश राज शर्मा का कहना है कि समीक्षा बैठक में हर माह अस्पताल को लेकर चर्चा होती है। अस्पताल में कमियों को लेकर समय-समय पर शासन को पत्र भी भेजे जा रही है। जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल से चिकित्सकों की टीम बुलाई जाती है। बंदियों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जाता है।
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