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गन्ने के एफआरपी में 20 रूपये कुंतल की बढ़ोतरी किसानों के साथ धोखा

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गन्ना मूल्य 550 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग
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देवबंद (सहारनपुर)। केंद्र सरकार की ओर से गन्ने के एफआरपी में 20 रुपये क्विंटल की बढ़ोतरी को किसानों ने धोखा करार दिया है। उन्होंने सरकार से कर्जबंद किसानों को बचाने के लिए शीघ्र ही गन्ना मूल्य 550 रुपये प्रति क्विंटल शीघ्र घोषित करने की मांग की है।
किसानों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में खरीफ की फसलों में लागत से डेढ़ गुना की वृद्धि की थी। अब गन्ना मूल्य का एफआरपी 20 रुपये क्विंटल बढ़ाया गया है। लेकिन इससे भी किसान खुश नहीं दिख रहा है। बृहस्पतिवार को सहकारी गन्ना समिति में पश्चिम उत्तर प्रदेश मुक्ति मोर्चा की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने गन्ने के एफआरपी में 20 रूपये कुंतल की बढ़ोतरी को नाकाफी बताया है। वर्मा ने कहा कि जिले की छह चीनी मिलों पर 500 करोड़ रुपये से अधिक बकाया गन्ना मूल्य भुगतान तथा 200 करोड़ रूपये ब्याज का बकाया है। जिसके न मिलने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी यदि सरकार ने गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान शीघ्र नहीं दिलाया तो किसान सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
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अध्यक्षता राजेंद्र सिंह मान ने की और संचालन आसिम मलिक ने किया। इस मौके पर विनोद सैनी, हाफिज मुर्तजा त्यागी, गुलविंदर सिंह, अजीत सिंह, नरेश कुमार, बिजेंद्र आर्य, हाजी सुलेमान, असगर अली आदि रहे। उधर, भारतीय किसान संघ के प्रदेश संयोजक श्यामवीर त्यागी व प्रांतीय महामंत्री हरवीर सिंह ने कहा कि जितना एफआरपी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बढ़ाया है उतना पूर्व की सरकारों में नहीं बढ़ा है। एफआरपी में 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी से किसानों को लाभ होगा।
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