सहारनपुर। विद्युत वितरण के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने दोपहर बाद कार्यालय पर धरना दिया और सभा की। सभा में मोटरसाइकिल रैली और मशाल जुलूस निकालने का निर्णय लिया।
घंटाघर स्थित विद्युत निगम के कार्यालय पर दोपहर बाद 3 बजे से शाम पांच बजे तक कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने निजीकरण के विरोध में धरना दिया एवं सभा की। धरने पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष मुकेश तोमर ने निजीकरण के विरोध में धरने को पूर्ण समर्थन देने का एलान किया। धरने में कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने 6 अप्रैल को मोटरसाइकिल रैली निकाले जाने और 8 अप्रैल को शाम 6 बजे से 8 बजे तक मशाल जुलूस निकाले जाने का निर्णय लिया। इसके अलावा 9 अप्रैल को 72 घंटे के लिए पूरी तरह से कार्य बहिष्कार किए जाने का एलान किया गया। 6 अप्रैल को मोटरसाइकिल रैली घंटाघर स्थित विद्युत निगम के कार्यालय परिसर से कलक्ट्रेट तिराहे तक निकाली जाएगी एवं जन जागरूकता अभियान के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन किए जाएंगे।
वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण के विरोध में आंदोलन के तहत धरना एवं सभाएं जारी रहेंगी। वक्ताओं ने कहा कि बड़े औद्योगिक घरानों को फायदा देने के लिए प्रदेश सरकार ने निजीकरण का फैसला लिया है, जिसको सरकार और कारपोरेशन प्रबंधन वापस ले। निजीकरण के फैसले से आम लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। आगरा स्थित मेसर्स टोरेंटो कंपनी से जिस तरह से लोग परेशान हैं। ऐसी स्थिति में निजीकरण नए घोटालों को जन्म देगा तथा इसका खामियाजा विद्युत उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा। जिन महानगरों का लाइन लॉस कम है और जो महानगर फायदे में जाने की प्रगति पर हैं उनको निजीकरण करके सरकार अपने पसंदीदा बड़े औद्योगिक घरानों को बिजली व्यवस्था देकर उन्हें बड़ा मुनाफा पहुंचाना चाहती है। विरोध सभा की अध्यक्षता प्रमोद कुमार गौतम एवं संचालन आरपी भटनागर ने किया। सभा में रविंद्र गुप्ता, एके वर्मा, ओम प्रकाश, अनिल अरोड़ा, नरेंद्र सिंह, मूलचंद शर्मा, रब्बान अली, पवन सिंह, मधुर कुमार वर्मा, राज्य विद्युत जूनियर इंजीनियर संगठन के अध्यक्ष एके शर्मा, राम आशीष कुशवाहा, संदीप कुमार, देवेन्द्र सिंह मौजूद रहे।