यूपी इन्वेस्टर समिट में सहारनपुर ने भेजा 916 करोड़ का प्रस्ताव
सहारनपुर। यूपी इन्वेस्टर समिट में सहारनपुर में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए 18 कारोबारियों ने 916 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। वन प्रोडक्ट वन डिस्ट्रिक्ट में प्रदेश सरकार ने सहारनपुर के वुडकार्विंग कारोबार को रखा है। मगर, वुडकार्विंग के लिए मात्र एक कारोबारी ने ही 200 करोड़ रुपये का प्रपोजल भेजा है, जबकि वुडकार्विंग कारोबार से सहारनपुर देश-विदेश में अपनी पहचान रखता है।
बुधवार को लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुए योगी सरकार के यूपी इन्वेस्टर्स समिट 2018 में सहारनपुर में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए 18 कारोबारियों ने जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से 916 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। इनमें मशरूम, दूध से बने उत्पाद, पशुओं की दवाइयां, एलपीजी गैस रिफलिंग स्टोरेज, डिटर्जेंट पाउडर, वुडकार्विंग उद्योग, ट्रांसपोर्टेशन, हौजरी उद्योग, कपड़ा उद्योग और गैस पाइप लाइन बिछाने के प्रपोजल हैं। वुडकार्विंग कारोबार में इन्वेस्ट करने के लिए सहारनपुर हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट सेंटर के डायरेक्टर ने ही 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है, जबकि सहारनपुर देश-विदेश में वुडकार्विंग कारोबार के लिए अपनी अलग पहचान रखता है। यहां लकड़ी पर नक्काशी का कारोबार कभी बड़े पैमाने पर होता था। मगर, यह कारोबार अब पहले के मुकाबले कम हो गया है। यहां तैयार किया गया माल कारोबारियों द्वारा विदेशों में भेजा जाता रहा है, जिसकी बेहद मांग है। लेकिन अब वुडकार्विंग कारोबारियों ने इस व्यापार में इन्वेस्ट करने के लिए रुचि नहीं दिखाई है। संयुक्त निदेशक उद्योग कल्पना ने बताया कि यूपी समिट कार्यक्रम में सहारनपुर से 18 कारोबारियों ने 916 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे हैं।
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प्लाइवुड उद्योग के लिए नहीं दिखाई रुचि
सहारनपुर। जिले में प्लाइवुड उद्योग बनाने की मांग पिछले काफी समय से उठ रही है। जनपद के पापुलर पेड़ किसान अपने पेड़ पड़ोसी राज्य हरियाणा की मंडी में बेचते हैं। पिछले दिनों सहारनपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर में प्लाइवुड उद्योग लगाने की घोषणा की थी। यूपी समिट कार्यक्रम में जनपद से किसी कारोबारी ने प्लाइवुड लगाने के लिए प्रस्ताव नहीं भेजा है, जबकि किसानों की यह बड़ी समस्या है।