पूर्व चेयरमैन के बेटे ने की निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा
बेहट। बसपा से टिकट कटने के बाद पूर्व चेयरमैन फुरकान अहमद के पुत्र नफीस अहमद और उनके परिवार ने कस्बे के लोगों की बैठक में कुछ बसपा नेताओं पर आरोप लगाया कि उन्होंने हाईकमान को गुमराह कर उनका टिकट कटवाया है, जबकि उनके पिता और उन्होंने 20 सालों तक बसपा के लिए ईमानदारी से काम किया। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए चुनाव में जनता से धोखेबाजों को सबक सिखाने की अपील की।
बसपा नेता एवं पूर्व चेयरमैन फुरकान अहमद के निधन के बाद बेहट नगर पंचायत सीट से अध्यक्ष पद के लिए बसपा द्वारा उनके पुत्र नफीस अहमद का टिकट दिए जाने पक्का माना जा रहा था, लेकिन पार्टी हाईकमान ने उनका टिकट काटकर चार बार लगातार सभासद चुने गए मिर्जा अब्दुल मालिक को प्रत्याशी बनाया है। शुक्रवार की रात नफीस अहमद ने अपने आवास पर समर्थकों एवं सर्वसमाज के जिम्मेदार लोगों की बैठक बुलाई, जिसमें नफीस के भाई रईस मलिक ने सभी की सहमति के बाद अपने भाई नफीस अहमद के निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की और कहा कि धोखेबाजी का बदला जनता चुनाव में लेगी। बैठक बैठक में पीरजी जीमल अहमद, इमरान मिर्जा, पूर्व सभासद जमर्रत हुसैन, अकलीम मिर्जा, रिजवान सलमानी, अब्दुल रहमान सलमानी, मोहित जैन, सचिन अरोड़ा, सुनील तनेजा, चौधरी यूनुस, सलीम धोबी, यूनुस सलमानी, हाजी इरफान शेख, शाहनवाज शेख, शानू भारती, राजेश कांगड़ा, गोविंद लांबा, नरेश कुमार खालसा, प्रवीण धनगर, अहसान हनफी कुरैशी, राव गुलफाम, हाजी झिलमिल, अनीस मलिक, मुख्त्यार सिद्दीकी आदि काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।