सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपये की लागत से बनी मैटरनिटी विंग सफेद हाथी बनकर रह गई है। इसकी प्रमुख वजह नए चिकित्सक और स्टाफ न मिलना है। साथ ही उपकरण भी अभी तक नहीं पहुंचे हैं। मैटरनिटी विंग चालू न होने की वजह से महिला अस्पताल में प्रशासन के साथ ही मरीजों के भी सामने अनेक समस्याएं सामने आ रही हैं। तमाम वार्ड चौबीसों घंटे फुल रहते हैं, जिस वजह से अव्यवस्थाएं हावी हैं। यदि मैटरनिटी विंग चालू हो जाए तो ज्यादातर समस्याएं खुद खत्म हो जाएंगी।
महिला अस्पताल को सौ बेड की मैटरनिटी विंग की सौगात मिली थी। जिसके लिए 20 करोड़ रुपये जारी हुए थे। विंग के भवन निर्माण का जिम्मा आवास विकास को दिया गया था। आवास विकास ने करीब एक साल पहले इस पांच मंजिला इमारत को कंपलीट भी कर लिया है। तीन महीने पहले आवास विकास भवन को अस्पताल प्रशासन के हैंडओवर भी कर चुका है। विंग को चालू करने के लिए बड़ी संख्या में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सेज, चौकीदार और गार्ड चाहिए, मगर पिछले एक साल में न तो नए चिकित्सक मिले हैं और न ही अन्य स्टाफ और उपकरण अभी तक पहुंचे हैं। सूत्रों की मानें तो अधिकारी कई बार शासन को पत्र लिख चुके हैं, मगर शासन स्तर से ही अनदेखी की जा रही है। विंग के चालू न होने की वजह से महिला अस्पताल की मौजूदा सेवाएं मरीजों की संख्या के सामने कम पड़ रही हैं। आलम यह है कि मौजूूदा वार्ड फुल हैं, जिनमें तीमारदार भी घुसे रहने की वजह से अत्यधिक भीड़ रहती है। इसी भीड़ का फायदा उठाकर कई बार बच्चा चोर अपने मंसूबों में कामयाब होकर अनेक माओं की गोद को सुना कर चुके हैं।
फार्मासिस्टों को फ्री में दिया जा रहा वेतन
विभागीय सूत्रों ने बताया कि शासन मैटरनिटी विंग के लिए अभी तक चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की तैनाती नहीं कर सका है, मगर फार्मासिस्टों के चार पद सृजित कर उनकी नियुक्ति भी की जा चुकी है। विंग चालू न होने की वजह से चारों फार्मासिस्ट कई महीने से खाली बैठकर वेतन पा रहे हैं।
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अधिकारियों के बयान में विरोधाभास
एक तरफ आवास विकास परिषद के एक्सईएन राकेश चंद्र तीन महीने पहले मैटरनिटी विंग का भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिए जाने की बात कह रहे हैं, तो वहीं सीएमएस डॉ. अनीता जोशी अभी निर्माण कार्य पूरा न होने की बात कह रही हैं। ऐसे में सवाल यह है कि निर्माण पूरा हुए बिना आवास विकास परिषद ने कैसे भवन हैंडओवर किया।
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मैटरनिटी विंग के भवन का निर्माण हमने करीब एक साल पहले कंपलीट कर लिया था। करीब तीन महीने पहले हमने भवन विभाग को हैंडओवर भर कर दिया है।
राकेश चंद्र, एक्सईएन, आवास विकास परिषद।
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मैटरनिटी विंग के भवन का निर्माण अभी अधूरा है, जिसमें कई कमरे अभी और बनाए जाने हैं। साथ ही विंग को चालू करने के लिए बड़ी संख्या में चिकित्सक, स्टाफ और चौकीदार व गार्ड्स चाहिए। हमने कई बार शासन को पत्र लिखा है, मगर अभी तक न तो चिकित्सक मिले हैं न ही अन्य स्टाफ।
डॉ. अनीता जोशी, सीएमएस।