सहारनपुर। जिलाधिकारी पीके पांडे ने कहा कि भूमाफिया के चिन्हीकरण का कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि टीम बनाकर तालाब, चकरोड, नालियों व ग्राम सभा, चारागाह की भूमि को कब्जा मुक्त कराने हेतु कानूननगो तहसीलदार आदि की टीम बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने लेखपालों से संपत्ति रजिस्टर आदि कार्य एक माह में पूरा करने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को जनमंच सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने ऋण वितरण कार्य, चकरोड कब्जा मुक्त आदि जानने के बाद लेखपालों के काम को सराहा। उन्होंने कहा कि लेखपाल और कानूनगो को आपस में तालमेल से कार्य करना चाहिए। राजस्व संपत्तियों व वक्फ आदि की भूमि का सही से विवरण तैयार करें। डीएम ने जनपद के लेखपाल व राजस्व निरीक्षकों की समस्याओं की जानकारी प्राप्त कर कहा कि उनकी सेवा पुस्तिका, जीपीएफ, पासबुक, एरियर वेतन वृद्धि की कार्यवाही चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करायी जाएगी। उन्होंने कहा कि गलत कार्य करने पर अगर वह सिफारिश कराएंगे तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी, लेकिन उनकी जायज समस्या के निराकरण में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले लोग लेखपाल को भगवान की तरह पूजते थे, लेकिन अब उनके प्रति जनता का विश्वास घटा है। उन्होंने माना कि लेखपालों पर काम का बोझ रहता है। उन्होंने कहा कि खतौनी में विरासत दर्ज करें और रोस्टर के अनुसार खतौनी में अंश निर्धारण का कार्य करने के साथ ही आम आदमी की बीमा योजना के तहत फीडिंग का कार्य किया जाए। कृषि गणना के द्वितीय चरण कार्य को ग्रामसभा वार फसल आदि के अंकन का कार्य प्रारूप पर तैयार कर लें। डीएम ने ऋण विवरण कार्य, चकरोड कब्जामुक्त कार्य जानने के कारण लेखपालों के कार्य को सराहा।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन एस के दूबे ने कहा कि शासन द्वारा जो निर्देश दिए गए हैं, उनकी जानकारी देने के लिए बैठक आयोजित की गयी है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के सभी कर्मचारी पोर्टल डाउनलोड करके पूरे शासनादेश का आंकलन कर कार्य करें। उन्होेंने कहा कि भूमाफिया कितना प्रभावशाली व्यक्ति हो उसके विरुद्ध की जाए और ग्राम सभा की भूमि को कब्जा मुक्त कराकर वन विभाग को दिया जाए ताकि उस पर पौधरोपण किया जा सके। गांव में अविवादित विरासत गांव की बैठक में करें और राजस्व निरीक्षक से उसका सत्यापन कराएं। यदि कोई शिकायत मिलती है तो वह उसे एसडीएम के संज्ञान में लाएं और गांव में होने वाले अवैध कार्यों को भी उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए।