सहारनपुर। ऐसे मरीज जिनमें लक्षण हैं मगर आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई है। उनको भर्ती करने के लिए स्वास्थ्य विभाग नया वार्ड तैयार करने जा रहा है। यह 50 बेड का होगा। इसे फिलहाल टीबी सैनिटोरियम परिसर में बनाने की योजना है।
कोरोना कई रूप में सामने आया है। कई ऐसे मरीज देखे गए हैं, जिनमें कोई लक्षण नहीं है, मगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है। साथ ही कई ऐसे भी मरीज सामने आ रहे हैं। जिनमें लक्षण कोरोना वाले हैं, मगर आरटीपीसीआर रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है। चूंकि लक्षण रहते हैं ऐसे में इलाज बेहद जरूरी है। शासन ने ऐसे मरीजों के लिए अलग से वार्ड तैयार करने के आदेश दिए हैं। जिस पर सहारनपुर में अमल शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग फिलहाल ऐसे मरीजों के लिए 50 बेड का अलग वार्ड तैयार करने जा रहा है। इसके लिए टीबी सैनिटोरियम का चयन किया गया है। यहां मरीजों को कोविड गाइडलाइन के अनुरूप दवा दी जाएगी।
इन मरीजों का क्या
कई ऐसे मरीज हैं जिनमें लक्षण हैं, मगर जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इसकी वजह राजकीय मेडिकल कॉलेज की लैब में क्षमता से अधिक सैंपल पहुंचना है। लैब की क्षमता एक दिन में 1500 जांच की है, मगर सैंपल दो हजार से अधिक भेजे जा रहे हैं। ऐसे मरीज रिपोर्ट आने के इंतजार के अतिरिक्त कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
जिन मरीजों में लक्षण हैं और उनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट नेगेटिव आई है। ऐसे मरीजों के इलाज के लिए अलग से 50 बेड का वार्ड बनाने की तैयारी चल रही है। इसके अतिरिक्त जो ऐसे मरीज हैं, जिनमें लक्षण हैं और रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। उनके इलाज में लापरवाही न करें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचकर उपचार शुरू कराएं।-शिवांका गौड़, नोडल अधिकारी