सहारनपुर में उच्च न्यायालय की प्रशासनिक जज नाहिद आरा मूनीस ने कहा कि समाज में फैले वैमनस्यता को लोक अदालत के माध्यम से सुलह समझौते के आधार पर समाप्त किया जा सकता है। लोक अदालत के माध्यम से वाद निपटाने पर पक्षकारों की आपसी रंजिश समाप्त हो जाती है।
शनिवार सुबह जज नाहिद आरा मूनीस सहारनपुर पहुंचीं। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत का दिवानी न्यायालय में उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत से लोगों का आपस में सुलह समझौता कराया जाता है। इससे भविष्य में किसी प्रकार का बैर भाव नहीं रहता।
दिवानी वादों में अदा की गई कोर्ट फीस वादी को वापस हो जाती हैं। इसके बाद न्यायमूर्ति ने दिवानी न्यायालय का निरीक्षण भी किया। जिला जज सुशीला सिंह ने हाईकोर्ट न्यायमूर्ति नाहिद आरा मूनीस का स्वागत किया। हाईकोर्ट की प्रशासनिक जज की अध्यक्षता में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में 5388 वाद निस्तारित हुए और पांच लाख 41 हजार 690 रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
लोक अदालत में जिला जज सुशीला सिंह, अमित पाल सिंह परिवार न्यायालय न्यायाधीश, अयाज अहमद अपर जिला जज, मुकेश कुमार सिंघल एडीजे, सुरेश चन्द्र भारती, नरेंद्र बहादुर प्रसाद एडीजे, ज्ञान प्रकाश एडीजे, रविकांत एडीजे, सभाजीत यादव एडीजे, अनामिका चौहान एडीजे, ललिता गुप्ता एडीजे, दीपा राय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बृजेंद्र कुमार पांडेय सिविल जज एसडी, रविंद्र कुमार एसीजेएम प्रथम,
दीनानाथ एसीजेएम द्वितीय, निर्दोष कुमारी एसीजेएम तृतीय, महेश चंद वर्मा एसीजे एसडी प्रथम, रजनेश कुमार एसीजे एसडी द्वितीय, सुरेंद्र प्रसाद एसीजेएम चतुर्थ, सत्यपाल सिंह प्रेमी एफटीसी/सिविल जज एसडी, दिव्या चौधरी सिविल जज जेडी नगर, सुमीत चौधरी जेएम प्रथम, आंचल कसाना जेएम द्वितीय, एलके राठी अतिरिक्त जज एनआईएक्ट ने वादों का निस्तारण किया।
देवबंद के निस्तारित वादों में सुशील कुमार खरवार सिविल जज जेडी देवबंद के न्यायालय से 156 वाद निस्तारित किए और 63 हजार 500 रुपये का अर्थदंड वसूला। राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रशासन के भी कुल 1636 वाद निस्तारित हुए। जनपद के सभी राष्ट्रीय एवं प्राइवेट बैंकों के भी लोन संबंधित वाद नियत किए गए। इनमें से कुल 118 वाद निस्तारित हुए तथा 67, 57114 रुपये की बैंक वसूली हुई।