फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुराने मामलों का रिकार्ड खंगाल रही पुलिस

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। देवबंद से जैश ए मोहम्मद के आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद पूर्व में सामने आए आतंकी गतिविधियों के मामलों की फाइलें भी पुलिस ने खंगालनी शुरू कर दी हैं। पता लगाया जा रहा है कि पूर्व में जो मामले हुए थे, उनमें शामिल आरोपी अब किस स्थिति में है। कहीं ऐसा तो नहीं कि पुराने मामलों के आरोपी भी देवबंद से गिरफ्तार आतंकियों के संपर्क में आ गए हो
विज्ञापन

दरअसल, सहारनपुर जनपद में आतंकी गतिविधियां पूर्व में कई बार सामने आ चुकी हैं। जैश ए मोहम्मद के सरगना अजहर मसूद को रिहा कराने के लिए हापुड़ से तीन विदेशी नागरिकों का अपहरण करके सहारनपुर लाया गया था। इसके अलावा एटीएस ने 7 अगस्त 2017 को मुजफ्फरनगर के कुटेसरा गांव स्थित एक मस्जिद पर छापामारी करते हुए बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया था। वह 2011 से आतंकी गतिविधियों में सक्रिय था। सहारनपुर का आतंकी कनेक्शन काफी पुराना है। सहारनपुर के सरसावा के मोहल्ला कस्साबान से 90 के दशक में किफायत उल्लाह उर्फ जाफर अहमद उर्फ अताउर्रहमान उर्फ अल उल्लाह फरार हुआ था। जो बाद में जम्मू कश्मीर चला गया था, फिर हूजी का चीफ बना, वह राजस्थान में भी काफी समय तक रहा था। उसके बाद बच्चों सहित पाकिस्तान चला गया और आज तक इसका कुछ नहीं पता चला।
कंप्यूटर एक्सपर्ट शाकिर भी देवबंद से पकड़ा गया था
विगत 5 मई 2016 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, एटीएस और देवबंद पुलिस ने संयुक्त अभियान में जैश-ए-मोहम्मद की तकनीकी सेल के सदस्य शाकिर अंसारी को गिरफ्तार किया था। शाकिर को उर्दू, अंग्रेजी, हिंदी, अरबी आदि भाषाओं का अच्छी जानकारी थी। शाकिर स्वयं को आत्मघाती के रूप में तैयार करने में जुटा था।
विज्ञापन

आबिद और अब्दुल सुभान भी हैं रडार पर
जनवरी 2010 में एटीएस और एसटीएफ ने पुलिस के साथ मिलकर रुड़की (उत्तराखंड) स्थित गंगनहर से आईएसआई एजेंट आबिद अली उर्फ अबु बकर निवासी थाना ठोकर न्याजबेग (लाहौर) को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से गोपनीय दस्तावेज और रुड़की छावनी का नक्शा मिला था। आबिद अली सहारनपुर के छुटमलपुर में रहकर जानकारियां एकत्र कर रहा था। इससे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर आतंकी अब्दुल सुभान व उसके पुत्र आलम को भी हिरासत में लिया था। अब्दुल सुभान पर मुजफ्फरनगर दंगा प्रभावित इलाकों में दौरा कर यहां के युवकों का ब्रेन वॉश कर संगठन से जोड़ने का आरोप लगा था। वह पाकिस्तान में बैठे लश्कर कमांडर जावेद बलूची के संपर्क में था।
बांग्लादेशियों पर हैं नजर
इसी महीने देवबंद से पांच बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 7 जून 2018 को दिल्ली पुलिस ने देवबंद आ रहे संदिग्ध बांग्लादेशी उमर फारूक को हिरास्त में लिया था। वह 11 साल तक देवबंद में रहा था। इन बांग्लादेशियों को लेकर भी पुलिस और खुफिया विभाग जानकारी जुटा रहा है।
आरोपियों के मोबाइल से खुलने लगे राज
सहारनपुर। देवबंद से गिरफ्तार आरोपियों से एटीएस के अलावा यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह भी कई घंटे पूछताछ कर चुके हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन से जो जानकारियां मिल रही हैं, वह बेहद खतरनाक हैं। आरोपियों द्वारा किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी चल रही थी। मोबाइल फोन में ऐसे ऐप का इस्तेमाल मैसेज भेजने में किया जा रहा था, जो गूगल प्ले स्टोर पर भी नहीं है। इससे जाहिर है कि शातिरों ने अपना नेटवर्क खड़ा करने के लिए बेहद चतुराई वाला रास्ता अख्तियार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें