सहारनपुर। सार्वजनिक उद्यम विभाग के अपर मुख्य सचिव और जनपद के नोडल अधिकारी डॉक्टर पीवी जगनमोहन ने मंगलवार को विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ शत प्रतिशत किसानों को नहीं दिलवा पाने और व्यापक प्रचार प्रसार नहीं करने पर कृषि उपनिदेेशक का वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं, जिला आबकारी अधिकारी को राजस्व वसूली में सुधार नहीं करने पर आगामी बैठक में निलंबित करने की चेतावनी दी गई।
मंगलवार को विकास भवन सभागार में समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी डॉक्टर पीवी जगनमोहन ने कहा कि हरियाणा बॉर्डर से होने वाली शराब की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए आकस्मिक छापेमारी कर कड़ी कार्रवाई की जाए। जिला आबकारी अधिकारी को चेतावनी दी कि यदि राजस्व वसूली में अगली बैठक से पहले सुधार नहीं हुआ तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन की समीक्षा में एआईजी स्टांप आरपी सिंह को बाकी दो महीने में लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति के निर्देश दिए। परिवहन विभाग की समीक्षा में वसूली में कमी पाए जाने पर अगली बैठक से पूर्व स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर-करेत्तर से जुडे़ विभाग क्रमिक लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति प्रत्येक दशा में दो महीने के भीतर कर लें, नहीं तो अगली बैठक में प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। सिंचाई विभाग के राजस्व वसूली की समीक्षा में स्पष्ट उत्तर नहीं मिलने पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को अलग से समीक्षा करने के निर्देश दिए।
एंटी भू-माफिया कार्रवाई की समीक्षा में जनपद में 23 केस पेंडिंग पाए गए। उन्होंने तहसीलों की प्रस्तुत रिपोर्ट में अंतर पाए जाने पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश अपर जिलाधिकारी प्रशासन को दिए। लोकवाणी एवं जनसेवा केन्द्रों के अवशेष आवेदन पत्रों का जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देेश दिए। दैवीय आपदा से प्रभावित व्यक्तियों को राहत देने में शत-प्रतिशत की उपलब्धि हासिल करने पर जिला प्रशासन की पीठ थपथपाई। उन्होंने आपदा से प्रभावित व्यक्तियों को दी गई राहत की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संपूर्ण समाधान दिवस की स्थिति संतोषजनक पाई गई। उन्होंने चकबंदी वादों के निस्तारण में तीन से पांच वर्ष के बीच लंबित मामलों का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आईजीआरएस के तहत प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की स्थिति ठीक पाई गई। नोडल अधिकारी ने जनपद में अवैध रूप से चल रहे पैथालॉजी लैब पर कड़ी कार्रवाई करने और जिलाधिकारी को इसकी नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खेती का बीमा कराने वाले किसानों को शत-प्रतिशत लाभ नहीं दिये जाने एवं योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं करने पर उपनिदेशक कृषि का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गेहूं एवं सरसों के खेती का बीमा कराने वाले किसानों को उनकी फसल का नुकसान होने पर 48 घण्टे के भीतर फसल बीमा योजना से लाभान्वित किया जाए।
उन्होंने टीकाकरण, छात्रवृत्ति, पेंशन, सामूहिक विवाह, समग्र ग्राम विकास योजना, मनरेगा, पेयजल, ओडीएफ, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल, खाद्य सुरक्षा, सडक निर्माण, स्ट्रीट लाईट, अपशिष्ट प्रबन्धन, गन्ना मूल्य भुगतान, विद्युत वितरण, पारदर्शी किसान योजना, वृद्धा स्वास्थ्य कार्ड, वर्मी कम्पोस्ट, बाल विकास पुष्टाहार, आवास विकास, खनन, ओडीओपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, इनवेस्टर्स मीट, सामाजिक वानिकी, प्रधान मंत्री आवास योजना, कानून व्यवस्था आदि की समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी रेनू तिवारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार,, नगर आयुक्त ज्ञानेन्द्र सिंह, अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसके दूबे सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।