रणखंडी में कैंसर से मौतों से बाद हरकत में आया प्रशासन
देवबंद। रणखंडी में कैंसर से लगातार हो रही मौतों के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। शनिवार को जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर कैंसर से होने वाली मौतों की पड़ताल की, वहीं मुख्य विकास अधिकारी ने भी गांव जाकर स्थिति का जायजा लिया।
गौरतलब है कि नवंबर माह के भीतर रणखंडी में कैंसर पांच लोगों की जिंदगी निकल चुका है। जिससे ग्रामीण भयभीत हैं। शनिवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन हरकत में आ गया। अधिकारी गांव की तरफ दौड़ पड़े। सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. इंद्राज सिंह के निर्देश पर रविंद्र कुमार, नितिन शर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने गांव पहुंचकर कैंसर से हो रही मौतों की पड़ताल की। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि प्रदूषित पानी के कारण कैंसर जैसी बीमारियां लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही हैं। वैसे तो गांव में जल निगम की टंकी लग गई है, लेकिन कनेक्शन नहीं होने से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी रेनू तिवारी भी गांव में पहुंचीं और मामले की जांच पड़ताल की। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें नाले सफाई व खुदाई की मांग की गई। प्रधान प्रतिनिधि दिनेश फौजी, छोटू राणा, ग्रामीण अरुण राणा, चंद्रपाल, सुबोध राणा आदि ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान कैंसर से सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। नाले की लंबे समय से सफाई व खुदाई नहीं हुई है जिस कारण प्रदूषण फैल रहा है। उन्होंने नाले को तीन किमी तक पक्का कराने की मांग की है। इस मौके पर पंकज पुंडीर, यशपाल सिंह, महावीर प्रसाद शर्मा, हाकम सिंह, गौरव, नरेंद्र कुमार, धर्मेंश शर्मा, राजेश कुमार, मोहित पुंडीर आदि मौजूद रहे।
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सीडीओ ने सीएचसी का निरीक्षण किया, अस्पताल मिला बंद
देवबंद। सीडीओ रेनू तिवारी बताया कि रणखंडी में 500 मीटर नाला बनाने का प्रस्ताव क्षेत्रीय विधायक की तरफ से किया गया है, लेकिन ग्रामीण 3 किमी नाला निर्माण की मांग कर रहे हैं। जल निगम से हैंडपंपों के पानी की जांच करवाई जाएगी। सोमवार को जल निगम की टीम पानी के नमूने लेगी। गांव की पेयजल टंकी क्षमता से मुताबिक छोटी है। जिसके पुनर्गठन का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। दूसरे 6 दिसंबर को गांव में स्वास्थ्य विभाग का कैंप लगाया जाएगा। जिसमें कैंसर पीड़ित मरीजों की जांच की जाएगी। सीडीओ ने बताया कि वैसे तो गांव में सीएचसी बनी है, लेकिन निरीक्षण के दौरान उन्हें सीएचसी पर ताला लटका मिला। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में न दवा है न ही चिकित्सक आते हैं। ऐसे में वह कैसे दवा लेने कहां जाएं। सीडीओ ने कहा कि सांय 3.30 बजे सीएचसी बंद मिलने के संबंध में सीएमओ से बात की जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच पड़ताल में कैंसर के पांच-छह मरीज मिले हैं।