गागलहेड़ी (सहारनपुर)। देहरादून-सहारनपुर हाईवे पर नौ गजा पीर के पास स्थित नागा देव नदी का पुल कभी भी गिर सकता है। दीवार गिर जाने के कारण वह काफी कमजोर हो गया। दिन-रात हजारों लोग जान जोखिम में डालकर इस पुल से गुजर रहे हैं। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने हादसे की आशंका जताते हुए एनएच अधिकारियों को नए पुल के निर्माण के लिए लिखा है। 183 साल पुराना यह पुल यूपी और उत्तराखंड को जोड़ता हैं।
नौगजा पीर के पास नागदेव नदी के पुल की दीवार टूटकर नदी में गिर चुकी है। पुल बेहद जर्जर हालत में है। वह कब गिर जाए, कहना मुश्किल है। दिन-रात वाहन चालक जान जोखिम में डाल कर इस पुल से गुजर रहे हैं। एनएच द्वारा पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की कई बार मरम्मत कराई जा चुकी है। सड़क गड्ढों में तब्दील होने और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। इस पुल पर सन 1835 में निर्माण संबंधी शिलापट लगा है। जिससे प्रतीत होता है कि पुल को अंग्रेजी शासन कॉल में बनाया गया था। यात्री तसलीम, अंकित गर्ग, राहुल शर्मा और कमला माहेश्वरी का कहना है कि विभाग हर बार टूटे पुल की मरम्मत करा देता है। हालांकि इस पुल की न तो ठीक ढंग से मरम्मत हो पाई है और ना ही इसे दोबारा से बनाया जा रहा है। कुछ दिन पहले लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली दीवार तोड़कर करीब पंद्रह फुट गहरी नदी में जा गिरी थी। नदी में गिरने पर बाद ट्रैक्टर दो टुकड़ों में बंट गया था। मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी ने बताया कि क्षतिग्रस्त इस पुल को लेकर एनएच अधिकारियों को लिखा गया है, क्योंकि जर्जर पुल होने के कारण हादसे की आशंकाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।