देवबंद (सहारनपुर)। रमजान के अवसर पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के वित्तीय सहयोग से तिहाड़ जेल में बंद हिंदू कैदी सहित दो को रिहा कराया गया। सजा अवधि पूरी होने के बावजूद वित्तीय जुर्माना अदा न करने की वजह से दोनों अतिरिक्त कारावास भुगत रहे थे।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के मीडिया इंचार्ज अजीमुल्लाह सिद्दीकी कासमी ने बताया कि उनका संगठन ऐसे कैदियों की रिहाई के लिए लगातार सहयोग कर रहा है जो महज जुर्माना अदा न करने की वजह से अतिरिक्त कारावास भुगत रहे हैं। बृहस्पतिवार को जमीयत उलमा की ओर से मौलाना मो. यासीन और मो. सादिक ने तिहाड़ जेल के प्रभारी से मुलाकात करके कार्रवाई पूरी कराई। जिसके बाद इमरान पुत्र नवाब व त्रिलोक पुत्र करतार सिंह की रिहाई प्रक्रिया में आई। अजीमुल्लाह ने बताया कि जमीयत के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने इस संबंध में जेल महानिदेशक अजय कश्यप को पत्र लिखा है कि वह हिंदू, मुस्लिम और अन्य समुदाय के ऐसे कैदियों की सूची प्रदान कराते रहें। जमीयत उनकी रिहाई के लिए वित्तीय सहायता देना जारी रखेगा।