देवबंद (सहारनपुर)। चीनी मिलों द्वारा बाहरी गन्ना ज्यादा खरीदे जाने पर किसानों में रोष है। उनका कहना है कि क्षेत्र के किसान गन्ना पर्चियों के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं, जबकि चीनी मिलें बाहरी गन्ना खरीदने में जुटी हैं। जो यहां के किसानों के साथ अन्याय है।
शनिवार को भारतीय किसान संघ की बैठक में प्रदेश संयोजक श्यामवीर त्यागी ने कहा कि प्रदेश सरकार चीनी मिलों पर गन्ना आपूर्ति व भुगतान के लिए सख्ती बरते। चीनी की गिरती कीमतों को रोका जाए। उन्होंने सरकार से गेहूं क्रय केंद्रों पर सरकारी खरीद की उचित व्यवस्था कराने तथा धान का मूल्य 8000 रुपये कुंतल शीघ्र घोषित करने की मांग की है। प्रांतीय महामंत्री हरवीर सिंह ने कहा कि सरकारी अधिकारी व कर्मचारी जनता को लूट रहे हैं। मुख्यमंत्री इस पर तत्काल ध्यान दें तथा रिश्वतखोरी व कामचोर नौकरशाहों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। जिलाध्यक्ष राहुल त्यागी ने कहा कि सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सामाजिक तत्वों के बहकावे में आकर बंद व तोड़फोड़ करते हैं जो बहुत गलत है। किसान संघ इसकी घोर निंदा करता है। वहीं, सहकारी गन्ना समिति में जिला गन्ना अधिकारी के साथ बैठक में किसानों ने चीनी मिलों द्वारा बाहरी गन्ने की खरीद करने तथा पर्चियां न मिलने का मुद्दा जोरशोर से उठाया। भाकिसं ने किसानों की समस्याओं को लेकर 9 अप्रैल को डीएम व एसएसपी को ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। अध्यक्षता अनिल कुमार व संचालन विक्रम सिंह पुंडीर ने किया। इस मौके पर ठाकुर राजपाल सिंह, खचेड़ू सिंह, गीताराम त्यागी, रामस्वरूप आदि मौजूद रहे।