देवबंद (सहारनपुर)। दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा की दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन शूरा सदस्यों ने विचार विमर्श के बाद चार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ संस्था का वार्षिक बजट 34 करोड़ रुपये पेश किया। इसके साथ ही कर्मचारियों के वेतन में पांच फीसदी की बढ़ोतरी करने और शूरा के रिक्त पदों पर छह नए सदस्यों की नियुक्ति को भी हरी झंडी दी गई।
दारुल उलूम के मेहमानखाने में आयोजित हुई संस्था की सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा की बैठक में विचार विमर्श के बाद बनी सहमति से संस्था का वार्षिक बजट 34 करोड़ रुपये पेश किया गया, जबकि पिछले वर्ष दारुल उलूम का वार्षिक बजट 30 करोड़ रुपये रखा गया था। इतना ही नहीं सदस्यों ने महंगाई को ध्यान में रखते हुए उस्तादों और कर्मचारियों के वेतन में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी भी की, जबकि मार्च में होने वाले राब्ता-ए-मदारिस के इजलास-ए-आम को भी शूरा के सदस्यों ने हरी झंडी दी है। इसके साथ ही बैठक में शूरा सदस्यों ने रिक्त पदों पर छह नए सदस्यों की नियुक्ति की है। हालांकि अभी इन सदस्यों के नाम नहीं खोले गए हैं। दारुल उलूम के एक जिम्मेदार का कहना है कि मजलिस-ए-शूरा नियुक्त किए गए सदस्यों को खुद इसकी जानकारी देगी। बताया गया है कि नियुक्त सदस्यों में देवबंद के भी एक शख्स को शामिल किया गया है। साथ ही विभिन्न विभागों की प्रस्तुति वार्षिक रिपोर्टों पर शूरा सदस्यों ने संतुष्टि जताई और कर्मचारियों को जरूरी हिदायत दी। पूर्व में हुई शूरा की बैठक में रखे गए प्रस्तावों पर भी विचार विमर्श कर उन्हें मंजूरी दी गई। बैठक का आगाज मौलाना अब्दुल अलीम फारुकी की तिलावत-ए-कलाम पाक से हुआ, जबकि अध्यक्षता मौलाना मुफ्ती अहमद खानपुरी ने की। इस मौके पर दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी, पूर्व मोहतमिम मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी, मौलाना अब्दुल अलीम फारुकी, मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना मलिक मोहम्मद इब्राहीम, मौलाना अनवारुलहक बिजनौरी, मौलाना रहमतुल्लाह कश्मीरी, मौलाना सईद अहमद पालमपुरी, मौलाना हकीमुल्लाह अलीगढ़ी आदि मौजूद रहे।