सहारनपुर। देवबंद का नाम आतंकियों को लेकर एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। लखनऊ में एटीएस द्वारा बांग्लादेशी आतंकी संगठन से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो 6 अगस्त को देवबंद में हुई एटीएस और एसटीएफ की छापामारी के दौरान फरार होने में कामयाब हो गए थे।
देवबंद से जाकर चरथावल के ग्राम कुटेसरा में रह रहे बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसार उल्लाह के एक आतंकी अब्दुल्लाह अल मामून को एटीएस ने 6 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया था। देवबंद में उसके साथी फैजान के यहां छापा मारा, लेकिन फैजान एटीएस को चकमा देकर फरार हो गया। एटीएस ने उसके अलावा छह अन्य लोगों को हिरासत में लिया था, बाद में पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इसी दौरान देवबंद में रह रहे आतंकी संगठन से जुड़े फैजान के साथ उसके अन्य साथी भी फरार हो गए। अब्दुल्लाह से पूछताछ में कई अन्य नाम सामने आए। पूछताछ के आधार पर एटीएस ने देवबंद में 12 सितंबर को फिर से छापा मारा। लेकिन उससे पहले ही एक मदरसे में रह रहे तीन युवक फरार हो गए। एटीएस यहीं से उनका पीछा करते हुए लखनऊ तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि सहारनपुर से लखनऊ जाने वाली हावड़ा अमृतसर एक्सप्रेस से तीनों आतंकी मोहम्मद इमरान, रजीजुद्दीन, मोहम्मद फिरदौस निवासी बांग्लादेश से लखनऊ पहुंचे। जहां एटीएस ने तीनों को उतार लिया और उनसे फर्जी आधार कार्ड, फर्जी पासपोर्ट बरामद किया।
फैजान को अभी तक नहीं तलाश कर पाई एटीएस
देवबंद आतंकियों की शरण स्थली बन गया है। अब्दुल्लाह के पकड़े जाने के बाद यहां बांग्लादेशी आतंकियों का एक के बाद एक करके खुलासा हो रहा है। अब्दुल्लाह का एक साथी दिल्ली में कोलकाता पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। जबकि देवबंद से फरार हुए तीन साथी लखनऊ में एटीएस ने दबोच लिए हैं। अब्दुल्लाह का साथी फैजान अपने साथियों के साथ फरार चल रहा है।
सहारनपुर पुलिस को फिर भी नहीं लग पाई भनक
सहारनपुर में आतंकी संगठन और विदेशी लगातार सामने आ रहे हैं। एटीएस आकर जिले में कार्रवाई कर रही है, लेकिन सहारनपुर पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग पा रही है। 6 अगस्त को देवबंद में इतना बड़ा मामला सामने आने के बावजूद पुलिस आंखें बंद किए बैठी रही। एक की भी न तो पहचान की गई और न ही किसी को पकड़ा गया। उस समय तो पुलिस ने भी कहा था कि संदिग्धों की सूची बनवाकर जांच कराई जाएगी, लेकिन सिर्फ बयानबाजी तक ही सिमट कर रह गई पुलिस। उसके बाद न सिर्फ बांग्लादेशी, बल्कि म्यांमार, साउथ कोरिया, इंडोनेशिया के लोगों के अलावा कश्मीर, बिहार, आसाम के लोग भी यहां काफी समय तक रहे और चले गए। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग सकी।
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संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिसकी सूचना मिलती है पुलिस उसकी जांच कराकर कार्रवाई कर रही है। खुफिया विभाग लगातार शासन को सूचनाएं दे रहा है। कुछ कार्रवाई गोपनीय होती हैं जिन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
बबलू कुमार, एसएसपी