सहारनपुर। गांव रामनगर में हुई हिंसा के मामले में 50 नामजद और 300 से अधिक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मामले में आसपा प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर की भी नामजद हैं। इस मामले में 40 गवाह हैं, जिनमें से अदालत में कई की गवाही हो चुकी है। शनिवार को मामले में सरकारी गवाहों की पेशी होनी थी, लेकिन गवाह पेश नहीं हो सके। अदालत ने 28 अक्तूबर की तारीख दी है।
थाना बड़गांव क्षेत्र के गांव शब्बीरपुर में हुए दंगे की आंच शहर से सटे गांव रामनगर तक पहुंची थी। यहां 21 मई 2017 को हिंसा हुई थी। गुस्साए लोगों ने कई वाहनों को फूंक दिए थे। इस मामले में 50 से अधिक नामजद और 300 अज्ञात के खिलाफ चार केस दर्ज हुए थे। मामला अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या आठ की अदालत में विचाराधीन है। मामले में नगीना सांसद व आसपा प्रमुख चंद्रशेखर भी नामजद हैं। इनके अलावा भीम आर्मी जय भीम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह नोटियाल सहित कई पदाधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।