सहारनपुर। रोडवेज में संविदा पर बस चालक की नौकरी को लेकर रुझान कम है। यही वजह है कि क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में लगे रोजगार मेले में महज 29 अभ्यर्थी ही पहुंचे। इनमें दो अनुपयुक्त पाए गए। दो अभ्यर्थियों का ड्राइविंग लाइसेंस दो साल पुराना नहीं मिला। केवल 25 ही अभ्यर्थी ही पास हुए।
क्षेत्रीय प्रबंधक योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि संविदा बस चालकों के 350 पदों के लिए परिक्षेत्र की ओर से एक दिवसीय रोजगार मेला लगाया गया। इसमें 29 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की गई। इस दौरान दो अभ्यर्थियों के पास दो साल पुराना हैवी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। 27 अभ्यर्थियों से दिल्ली रोड स्थित बाईपास पर बस चलवाई गई। इनमें से दो अभ्यर्थी बस नहीं चला पाए। इस तरह 25 अभ्यर्थी प्रथम चालक टेस्ट में सफल रहे। अब उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को दूसरे चालक टेस्ट के लिए लोनी स्थित प्रशिक्षण संस्थान भेजा जाएगा। पास होने के बाद भर्ती प्रक्रिया के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी। ईद होने और जानकारी के अभाव में कम लोग आए।
12वीं पास अभ्यर्थी चालक बनने पहुंचे
परिवहन निगम ने संविदा चालक की भर्ती के लिए योग्यता आठवीं पास रखी थी, जबकि सोमवार को रोजगार मेले में 12वीं पास तक अभ्यर्थी पहुंचे। अब्दुल्लापुर निवासी देवी सिंह ने बताया कि 12वीं पास है। इससे पहले भी अन्य जगहों पर बस चलाते थे। रुड़की निवासी शानू रहमान ने बताया कि देहरादून में अनुबंधित चला रहा था। वह आठवीं तक पढ़ा हुआ है। शुभम 10वीं व पिंटू 12वीं पास है। वह भी बस चलाते थे।