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Saharanpur News: विकास कार्यों के लिए 35 करोड़ नाकाफी

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आशीष त्यागी
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15वें वित्त आयोग की संस्तुति पर दूसरी किस्त जारी, होने हैं विकास कार्य
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11 क्षेत्र, 884 ग्राम पंचायत, जिला पंचायत के 49 वार्ड के लिए कम है पैसा
फोटो 4 की सीरीज।
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। पंचायती राज विभाग के तहत जनपद की 11 क्षेत्र, 884 ग्राम पंचायत और 49 जिला पंचायत के वार्डों के लिए 35 करोड़ 39 लाख की धनराशि जारी हुई है। मगर, देहात क्षेत्रों होने वाले विकास कार्यों के लिए यह पैसा नाकाफी है। क्योंकि, कई विकास कार्य होने हैंं।
दरअसल, शासन की ओर से 15वें वित्त आयोग की संस्तुति के अंतर्गत प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं के लिए वर्ष 2022-23 दूसरी किस्त (टाइड ग्रांट) जारी की गई है। इसके तहत जिला पंचायत के 49 वार्ड के लिए पांच करोड़ 30 लाख 92 हजार, 11 क्षेत्र पंचायतों के लिए भी पांच करोड़ 30 लाख 92 हजार और 884 ग्राम पंचायतों के लिए 24 करोड़ 77 लाख 65 हजार 428 रुपये जारी किए गए हैं। इस पैसे नाला, नाली निर्माण, सीसी सड़क, गलियों और चौराहों का सुंदरीकरण, जल से जुड़ी योजनाओं का मरम्मत सहित कई तरह के कार्य होने हैं, लेकिन ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मानें तो इतनी धनराशि ऊंट के मुंह में जीरा है।
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बेहद कम है पैसा
गंगोह के गांव बांसदेई के प्रधान आशीष त्यागी का कहना है कि 35 करोड़ रुपये बेहद कम हैं। वर्तमान में जनपद के लगभग सभी गांवों में हर घर जल योजना के तहत कार्य चल रहे हैं। इससे सभी गांवों की सड़कों की हालत खराब हो गई है। गांवों के विकास कार्यों के लिए सरकार को अधिक पैसे की व्यवस्था करनी चाहिए।
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अभी पहला ही कर्ज है बाकी
देवबंद के मनोहरपुर गांव के प्रधान बाबूराम ने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के लिए सरकार जो 35 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है, उसमें यह स्थिति अभी साफ नही है कि किस ग्राम पंचायत को कितना धन मिलेगा। उन्होंने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत में पूर्व में कराए जा चुके विकास कार्यों का ही कर्ज अभी बाकी है।
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मानदेय और देखरेख में खर्च हो जाते लाखों रुपये मांडुवाला के ग्राम प्रधान और अखिल भारतीय पंचायत संगठन के मुजफ्फराबाद ब्लाॅक अध्यक्ष विजयपाल सिंह राणा का कहना है कि सफाई, स्कूलों के सुंदरीकरण, स्प्रे, हैंडपंप की मरम्मत, स्कूलों और पंचायत घर के बिजली बिल, पंचायत सहायक और केयर टेकर के मानदेय पर ही एक वर्ष में पांच लाख रुपये खर्च हो जाते हैं। ऐसे में यह पैसा अपेक्षा से बेहद कम है।

वर्जन:-
शासन की ओर से जारी किए पैसे विकास कार्य कराए जाएंगे। यह दूसरी किस्त है। पहली किस्त में मिले पैसों से भी कार्य हुआ है।विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी

आशीष त्यागी

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