सहारनपुर/बड़गांव/बिहारीगढ़/नागल। जिले में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जिले में बुखार से होने वाली मौतों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। बीते 24 घंटे के अंदर फिर छह साल के बच्चे सहित दो महिलाओं की मौत हुई है। बुखार का संक्रमण रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग के इंतजाम नाकाफी है।
बड़गांव क्षेत्र के गांव सिसौनी निवासी ओमवती (65) पत्नी बीरसिंह को चार दिन पूर्व बुखार ने अपनी चपेट में लिया था। उनका देवबंद के एक निजी चिकित्सालय में उपचार चल रहा था। रविवार की रात ओमवती की उपचार के दौरान मौत हो गई। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगवाकर मरीजों का उपचार कराए जाने की मांग की है।
बिहारीगढ़ स्थित रविदास मंदिर के निकट स्व. सुनील कुमार के छह वर्षीय बेटे जतिन को पिछले तीन-चार दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने पहले जतिन को निजी चिकित्सक के यहां दिखाया। आराम न मिलने की वजह से परिजन रविवार को सहारनपुर के एक अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान देर रात जतिन की मौत हो गई। जतिन की मौत के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। मृतक जतिन के पिता की कोरोना कल में मौत हो गई थी।नागल क्षेत्र के गांव कोटा निवासी अनुज कुमार की पत्नी अरुणा स्वामी पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। जिसका गांव में ही उपचार चल रहा था। रात अचानक तबीयत खराब हो जाने पर उसे गागलहेड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
हार्ट अटैक आने से बुजुर्ग की मौत
बड़गांव क्षेत्र के गांव सिसौनी में छोटा (60) पुत्र अभ्भन की हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उन्हें आठ दिन पहले बुखार आया था। अचानक हार्ट अटैक से मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। इस प्रकार सिसौनी गांव में दो मौतों से मातम छाया हुआ है।
अभी तक नहीं लगाया शिविर
बिहारीगढ़ क्षेत्र में बुखार का प्रकोप है। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई शिविर नहीं लगाया गया, जिससे वायरल बुखार को रोका जा सके। मुजफ्फराबाद चिकित्सा प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि मंगलवार को पूरे गांव का सर्वे कराया जाएगा। एंटी लार्वा का छिड़काव भी होगा।
डेंगू के चार मरीज मिले, वार्ड के बाहर बेड लगाकर मरीजों का इलाज
सहारनपुर। जिले में डेंगू के चार और मरीज मिले हैं। यह डेंगू पीड़ित शहर की अलग-अलग कालोनियों के रहने वाले हैं। जिले में अब डेंगू मरीजों की संख्या 249 हो गई है। वहीं, राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी डेंगू पीड़ित भर्ती हैं। ऐसे में लोगों ने सावधानी नहीं बरती तो डेंगू की चपेट में आ जाएंगे। अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है। हाल यह है कि जिला अस्पताल के न्यू मेडिकल वार्ड के बाहर भी बेड लगाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मरीजों की संख्या के आगे बेड कम पड़ गए हैं।
नागल, बड़गांव और बिहारीगढ़ में बुखार से मौत की जानकारी नहीं है। टीम भेजकर पता लगाया जा रहा है कि मौत का कारण क्या रहा। जहां-जहां मौत हुई है, वहां पर शिविर लगाकर लोगों की जांच कराई जाएगी।
- शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी