सहारनपुर। जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत होने के मामले में गठित एसआईटी की जांच अंतिम दौर में चल रही है। अगले सप्ताह तक एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है।
गौरतलब है कि नागल, गागलहेड़ी और देवबंद क्षेत्र मेें जहरीली शराब पीने से 83 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि प्रशासन ने सहारनपुर में हुए 59 शवों के पोस्टमार्टम में से 36 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से मानी थी। वहीं, मेरठ में उपचार के दौरान मरने वालों की संख्या इससे अलग थी। जिला प्रशासन ने दावा किया था कि उत्तराखंड के गांव बालुपुर से आई शराब पीने की वजह से लोगों की मौत हुई थी। मामले में उत्तराखंड पुलिस और सहारनपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जहरीली शराब बनाने और बेचने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। वहीं, शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रेलवे संजय सिंघल के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था, जिसमें मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी और आईजी शरद सचान भी सदस्य हैं। एसआईटी ने जहरीली शराब से प्रभावित गांवों में पहुंचकर जांच की थी और 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए थे। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए गए थे। अब मामले की जांच अंतिम दौर में चल रही है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह तक एसआईटी अपनी रिपोर्ट शासन स्तर पर सौंप देगी।
निर्वाचन आयोग की बैठक के लिए रवाना हुए अफसर
सहारनपुर। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग महत्वपूर्ण बैठक करेगा, जिसमें शामिल होने के लिए सहारनपुर जनपद से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी रवाना हो गए हैं।
लोकसभा चुनाव 2019 की अधिसूचना मार्च माह के पहले सप्ताह में ही घोषित होने की संभावना है। इसी लिहाज से निर्वाचन आयोग की तैयारियां चल रही हैं। मंगलवार शाम को निर्वाचन आयोग ने जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की थी, जबकि बृहस्पतिवार को लखनऊ में बैठक बुलाई गई है। सहारनपुर मंडलायुक्त, आईजी, जिलाधिकारी और एसएसपी को बैठक में बुलाया गया है। बैठक में भाग लेने के लिए अफसर लखनऊ रवाना हो गए हैं।