नकुड़। हरियाणा के किसानों ने पुलिस की मौजूदगी में यूपी के करीब चालीस किसानों की लगभग तीन सौ बीघा जमीन पर ट्रैक्टर चलाकर गेहूं की फसल उजाड़ दी। पीड़ित किसानों की सूचना पर नकुड़ कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हरियाणा के अधिकारियों से बात कर जुताई रुकवाई। जमीन को लेकर दोनों ओर के किसानों में भारी तनाव व्याप्त है। यदि जल्द ही मामला नहीं सुलझाया गया तो बड़ा विवाद हो सकता है।
नकुड़ कोतवाली क्षेत्र के गांव धुंधामाजरा व नानूवाला निवासी किसान राजकुमार शर्मा, सुरेश शर्मा, संजय कुमार, वेदप्रकाश, जगपाल, सुशील, जगदीश, अरविंद, चंदकीराम व यशपाल आदि ने बताया कि दोनों गांवों के करीब पैंतालीस किसानों की कुछ वर्षों पूर्व हुई यमुना नदी की हकबंदी में हरियाणा की सीमा में चली गई थी। इसके बाद जमीन को लेकर सन 2014 में दोनों प्रदेशों की सरकारों की मीटिंग में जमीन वापस करने पर सहमति बन गई थी तथा जुलाई 2014 में डीआरओ करनाल ने धारा 32 के तहत उनके हक में आर्डर कर दिया था। बताया कि उन्होंने करीब दस दिन पूर्व ही उन्होंने उक्त जमीन पर गेहूं की फसल बोई थी जो जम कर बाहर निकल गई थी। आरोप लगाया कि सोमवार को हरियाणा के कुछ किसानों ने उनकी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से हरियाणा पुलिस की मौजूदगी में उनकी जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर चलाकर उनकी फसल उजाड़ दी। मामले की लेकर पीड़ित किसानों में भारी तनाव व्याप्त है तथा यदि जल्द ही विवाद का निपटारा नहीं कराया गया तो बड़ा विवाद होने की प्रबल संभावनाएं हैं। उधर, कोतवाल मुकेश गौतम ने बताया कि पीड़ित किसानों की सूचना पर उन्होंने मौके पर पहुंचकर जुताई कर रहे हरियाणा के किसानों को रोक दिया है तथा हरियाणा के इंद्री तहसील के एसडीएम से फोन पर बात कर मामले का निपटारा कराने का आग्रह किया है। कोतवाल ने बताया कि इंद्री के एसडीएम ने नकुड़ एसडीएम के साथ मीटिंग कर विवाद का निपटारा कराने का आश्वासन दिया है।