सहारनपुर। गंदगी शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। नगर निगम ने गंदगी की समस्या से निपटने के लिए कुछ नियम बनाए हैं। नियम ऐसे, जिसमें अब शहरी क्षेत्र में खुले में लघुशंका करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। यदि कोई व्यक्ति खुले में लघुशंका करता पकड़ा जाता है तो उससे जुर्माना वसूला जाएगा। जुर्माना न देने की स्थिति में 133 सीआरपीसी के तहत उसका चालान किया जाएगा।
वर्ष 2017 में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में देश के चार हजार शहरों में सहारनपुर का 245वां स्थान रहा था। दूसरी बार भी स्वच्छता सर्वेक्षण में देश के चार हजार शहरों को शामिल किया गया, जिसका परिणाम 17 मई 2018 को जारी हुआ। इसमें सहारनपुर का 196वां स्थान आया। यानी सहारनपुर ने स्वच्छता की दिशा में सुुधार किया है, जिसकी वजह से रैंक बढ़ी। रैंक में सुधार के लिए नगर निगम ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं, जिनके तहत शहर को गंदा करने वालों पर अलग-अलग जुर्माना तय किया गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि खुले में लघुशंका और शौच पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है। नगर निगम के सफाई निरीक्षक और सुपरवाइजर शहर पर नजर रखेंगे। यदि कोई व्यक्ति खुले में लघुशंका या शौच करता पकड़ा जाता है तो उससे मौके पर ही निर्धारित जुर्माना वसूला जाएगा।
गंदगी फैलाने के लिए जुर्माना तय
- नाले और नालियों में कूड़ा या मल बहाने पर 10 हजार रुपये जुर्माना।
- सड़कों पर भवन का मलबा, पेड़ और कूड़ा डालने पर 1500 रुपये जुर्माना।
- सड़क पर पशुओं को छोड़ने पर एक हजार रुपये प्रति पशु जुर्माना।
- प्रतिष्ठानों जैसे दुकान, मीट की दुकान, होटल आदि द्वारा सड़कों पर कूड़ा करने पर 500 रुपये जुर्माना।
- खुले में शौच या लघुशंका करते पकड़े जाने पर 200 रुपये जुर्माना।
निगम खुद फैला रहा गंदगी
सहारनपुर को नगर निगम बने करीब आठ साल बीत चुके हैं, मगर नगर निगम प्रशासन आज तक कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं कर सका है। नगर निगम बनने के बाद और उससे पहले से शहर के कचरे को शहर से बाहर खुले में डाला जा रहा है, जिससे गंदगी फैल रही है। बेहट रोड और चिलकाना रोड इसके बेहतर उदाहरण हैं। इसके अलावा शहर में बने कचरा डालने के प्वाइंट कई जगह कच्चे हैं। पुल खुमरान के पास बना कचरा डालने का प्वाइंट एक दम पांवधोई नदी के किनारे है। नदी के किनारे कोई दीवार न होने की वजह से यहां का कचरा नदी में गिरता है। जिसकी वजह से भी गंदगी फैल रही है।
तमाम दुकानदार सड़कों को करते हैं गंदा
दुकानदार भी शहर को गंदा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। नेहरू मार्केट, प्रताप मार्केट, शहीद गंज, रायवाला समेत तमाम बाजारों में नगर निगम के सफाईकर्मी सुबह सफाई करके जाते हैं। मगर जैसे ही दुकानें खुलती हैं तो दुकानदार दुकानों की सफाई कर सारा कचरा दुकानों के ठीक सामने सड़कों पर कर देते हैं। अनेक दुकानदार कचरे को जलाकर प्रदूषण भी फैलाते आ रहे हैं। नगर निगम दुकानदारों को डस्टविन रखने और रात को दुकानें बंद करने से पहले सफाई कर कचरा सड़कों पर करने की सलाह दे चुका है, जिससे सुबह सफाई के दौरान कचरा उठा लिया जाए। मगर दुकानदार ऐसा करने को तैयार नहीं हैं।
सफाई हम सबके लिए जरूरी है। नगर निगम और उसके सफाई कर्मी स्वच्छता के लिए अपना शत प्रतिशत प्रयास कर रहे हैं। मगर कुछ लोगों की नासमझी की वजह से गंदगी का हम पूरी तरह सफाया नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में नगर निगम ने शहर को गंदा करने वालों पर जुर्माना तय किया है। नगर निगम इस पर सख्ती से काम करेगा।
- डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।