संविदाकर्मी की मौत पर मुआवजे को लेकर ग्रामीणों ने किया हंगामा
नकुड़। हाईटेंशन लाइन पर काम करते समय गंभीर रूप से झुलसे संविदा कर्मी की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने पावर कारपोरेशन के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। उधर, कोतवाली पुलिस मामला सरसावा थाने का बता रही है। ग्रामीणों के हंगामे के बाद एसओ ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बता दें कि विगत 25 नवंबर को गांव फतेहपुर जट्ट निवासी 28 वर्षीय चेतन पुत्र शिवपाल शर्मा गांव लद्धेबांस के समीप स्थित सरकारी ट्यूबवेल पर एचटी लाइन ठीक कर रहा था। परिजनों ने बताया कि उस समय नकुड़ विद्युत उपखंड के एसडीओ और अवर अभियंता भी मौके पर मौजूद थे। लाइन ठीक करते समय चेतन हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया। जिसके बाद उसे उपचार के लिए सहारनपुर ले जाया गया। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया। जहां उपचार के दौरान शुक्रवार शाम उसकी मौत हो गई। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद मृतक संविदाकर्मी का शव नकुड़ पहुंचने पर परिजन व ग्रामीणों ने शव को कोतवाली लाकर मुआवजे और आरोपी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग करते हुए हंगामा कर दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मौजूदगी में दुर्घटना होने के बावजूद विद्युत निगम द्वारा पीड़ित की कोई सुध नहीं ली गई। अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही संविदा कर्मी की जान गई है। जबकि एसओ यशपाल सिंह ने बताया कि उन्हें घटनास्थल सरसावा होने की जानकारी मिली है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, बिजली निगम के एसडीओ सचिन शर्मा ने बताया कि हादसे के वक्त वह और अवर अभियंता मौके पर नहीं थे। जानकारी मिलने पर वह मौके पर पहुंचे थे। बताया कि घटना की जांच तथा परिजनों को संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा।