कुंडा कलां में शौचालय निर्माण में अनियमितता की जांच के आदेश
गंगोह (सहारनपुर)। लोहिया गांव कुंडा कलां के ग्रामीणों द्वारा ग्राम प्रधान और सचिव पर लगाए गए शौचालय निर्माण सहित विकास कार्यों में धांधली के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए डीएम द्वारा जांच के आदेश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए 28 जून की तिथि निर्धारित की गई है। पुलिस सहित अन्य संबंधित विभागों को भी जांच में सहयोग के लिए निर्देशित किया गया है। उधर, शिकायत कर्ताओं ने आरोपियों से अपनी जान-माल का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है।
बता दें कि गांव निवासी अकबर पुत्र मकसूद, लिल्ला पुत्र बाबू और राव इकबाल पुत्र लियाकत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र लिखकर ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव पर शौचालय निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों में भारी अनियमितता कर सरकारी धन की बंदरबांट के आरोप लगाए थे। लिखे गए पत्र में उन्होंने बताया था कि वर्ष 2016-17 में सरकार द्वारा गांव में 347 शौचालयों का निर्माण स्वीकृत किया गया था। आरोप है आरोपियों द्वारा इनके निर्माण में भारी अनियमितता की गई। अधिकांश शौचालय मात्र कागजों पर ही बनाकर धन हड़प लिया गया। निर्माण एजेंसी द्वारा जो शौचालय बनाए गए, उनमें भी मानकों को ताक पर रखा गया है। कुछ शौचालयों में छत गायब है, तो कुछ में टाइल्स नदारद है। कुछ के गड्ढे खुले छोड़ दिए गए है। इसके अलावा निर्माण में बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसके चलते ग्रामीणों को आज भी खेतों में शौच के लिए जाना पड़ता है। गंदगी के चलते गांव में प्रतिवर्ष बुखार एवं संक्रामक बीमारियां महामारी का रूप धारण कर लेती है। प्रति वर्ष अनेक ग्रामीण इन बीमारियों की चपेट में आकर मौत का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जनहित में शौचालयों के निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
अनियमितता हुई उजागर
लोहिया गांवों में शौचालय निर्माण में भारी अनियमितता उजागर हो रही है। गांव खानपुर गुर्जर में भी सीडीओ की जांच के बाद मामले का भंडाफोड़ हुआ था। जिसमें ग्राम प्रधान और सचिव को करीब 44 लाख रुपये की सरकारी रकम के गबन का दोषी पाया गया था। दोनों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने और निलंबित करने की कार्रवाई की गई थी।