विश्व उच्च रक्तचाप दिवस
-50 फीसदी को इस बीमारी के बारे में पता नहीं होता
-विभागीय रिकॉर्ड में उच्च रक्तचाप के 8,400 मरीज
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिले में उच्च रक्तचाप के 8,400 मरीज हैं। चिकित्सकों का कहना है कि 50 फीसदी मरीजों को इस बीमारी के बारे में पता ही नहीं होता है। 12 फीसदी युवा, 40 से अधिक आयु के 30 फीसदी लोगों में ये बीमारी होती है। गलत खानपान और खराब दिनचर्या भी लोगों को उच्च रक्तचाप का रोगी बना रही हैं।
बुधवार को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाएगा। शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजीव मिगलानी का कहना है कि एक व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। यदि ये 140/90 या इससे ज्यादा होता है तो व्यक्ति उच्च रक्तचाप का मरीज माना जाता है। उन्होंने बताया कि आधे मरीजों को तो ये जानकारी ही नहीं होती है कि वो इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।
उच्च रक्तचाप का मुख्य कारण मोटापा, फल व सब्जियों का कम सेवन, पर्याप्त व्यायाम न करना, अत्यधिक शराब का सेवन, धूम्रपान, पर्याप्त नींद न लेना, तनाव, कंप्यूटर व मोबाइल का ज्यादा देर तक प्रयोग करना है। साथ ही अधिक तला-भुना खाना, तैलीय पदार्थों का ज्यादा सेवन करना, खाने में नमक की मात्रा ज्यादा होना आदि भी इसके कारण हो सकते हैं।
मरीजों को चिन्हित कर कराई जाती है जांच
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने बताया कि रक्तचाप के मरीजों को चिन्हित कर उनकी जांच कराई जाती है। गांव स्तर पर एएनएम जांच नियमित जांच करती है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर भी जांच की सुविधा है। जिले में एक साल में उच्च रक्तचाप के 8400 मरीज हैं।
ये हैं लक्षण
-सिर में दर्द, सिर चकराना
-थकान और सुस्ती लगना
-दिल की धड़कन बढ़ना
-आंखों से धुंधला दिखाई देना
-बचाव व उपचार
-रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए हमें प्रतिदिन छह ग्राम से कम नमक लेना चाहिए।
-धूम्रपान और तंबाकू का सेवन न करें तथा शराब नहीं पीनी चाहिए।
-भोजन में चिकनाई कम लेनी चाहिए।
-मानसिक तनाव से दूर रहना चाहिए।
-प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए।
-प्रतिदिन 30 मिनट सुबह टहलना चाहिए।
-चिकित्सकों द्वारा बताई गई दवाएं नियमित रूप से लेनी चाहिए।
मरीज इन खाद्य पदार्थों का न करें सेवन
रक्तचाप के मरीजों के लिए ब्रेड और रोल, बेकरी के खाद्य पदार्थ, सैंडविच, पापड़, अचार, जंक-फूड, पनीर टिक्का, चिप्स और पॉपकॉर्न, सूप, पास्ता दस बड़े दुश्मन हैं। ऐसे में मरीजों को इन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।