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प्रभारी नगरायुक्त को मिली जान की धमकी

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सहारनपुर। प्रभारी नगरायुक्त आलोक श्रीवास्तव को जान से मारने की धमकी मिली है, जिसके बाद से वह घबराए हुए हैं। उन्होंने दिल्ली गए नगरायुक्त को फोन पर घटना की जानकारी दी है। साथ ही महापौर को चिट्ठी लिखकर जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने पार्षद की सदस्यता खत्म करने और कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।
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नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह पिछले कई दिन से दिल्ली में हैं। निर्माण विभाग के अधिशासी आलोक श्रीवास्तव पर प्रभारी नगरायुक्त का चार्ज है। आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि 25 फरवरी की शाम करीब पांच बजे वह अपने कार्यालय में बैठे हुए थे। आरोप है कि पार्षद एक ठेकेदार को लेकर उनके पास पहुंचे और गलत कार्य के लिए दबाव बनाने लगे। जब उन्होंने पार्षद की बात नहीं मानी तो आरोप है कि पार्षद गाली-गलौज करने लगे। जब गाली देने से रोका गया तो पार्षद ने जान से मारने की धमकी दी और वहां से चले गए। धमकी के बाद वह घबरा गए और तुरंत नगरायुक्त को फोन कर घटना की जानकारी दी। साथ ही महापौर संजीव वालिया को भी चिट्ठी लिखकर जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। प्रभारी नगरायुक्त ने पार्षद की सदस्यता खत्म करने और कानूनी कार्रवाई की मांग महापौर से की है।
लामबंद हो रहे कर्मचारी
प्रभारी नगरायुक्त को धमकी मिलने के बाद से नगर निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों में गुस्सा है। सभी अधिकारी और कर्मचारी पार्षद के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। दो दिन से बैठकों का दौर चल रहा है। बृहस्पतिवार को भी कर्मचारियों ने बैठक की, जिनमें सफाई कर्मचारी भी शामिल रहे। शुक्रवार को नगरायुक्त के दिल्ली से लौटने के बाद कर्मचारी और अधिकारी उनपर पार्षद के खिलाफ कार्रवाई कराने का दबाव बनाएंगे। पार्षद पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में कर्मचारियों ने काम ठप करने की चेतावनी दी है।
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मैं तीन दिन से लखनऊ में हूं। आलोक श्रीवास्तव ने फोन पर जो बताया है वह गंभीर मामला है। लखनऊ से लौटते ही मामले में बैठक कर पार्षद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।

अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव का आरोप है कि उन्हें एक पार्षद ने जान से मारने की धमकी दी है। इस संबंध में उन्होंने मुझे लिखित में भी अवगत कराया है। मामला गंभीर है। नगरायुक्त के लौटने के बाद दोनों पक्षों को बिठाकर बात की जाएगी। कोशिश यही रहेगी कि नगर निगम में किसी तरह का विवाद न बढ़े और काम सुचारु रूप से चलते रहें।
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संजीव वालिया, महापौर।

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