सहारनपुर। पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण के बाद सहारनपुर स्टेशन की तस्वीर ही बदल जाएगी। स्टेशन पर न सिर्फ कई बदलाव होंगे, बल्कि प्रस्तावित दो प्लेटफार्म का निर्माण भी अब खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। कचहरी पुल को ऊंचा करने के साथ उसकी लंबाई भी बढ़ाई जाएगी। फ्रेट कॉरिडोर के लिए इलेक्ट्रिक एक लाइन लुधियाना से खुर्जा तक अलग बनाई जाएगी। इससे मालगाड़ियों के चलते व्यस्त रहने वाले रेलवे ट्रैक को राहत मिल जाएगी और ट्रेनें समय से अपने गतंव्य स्थान पर पहुंच सकेंगी।
अंबाला-सहारनपुर रेलवे लाइन पर एक्सप्रेस, सुपर फास्ट एवं पैैैसेंजर ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों की भी भरमार है। रेलवे ट्रैक काफी कम होने से ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों का संचालन काफी मुश्किल हो रहा है। मालगाड़ी के लेट होने से जहां आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, तो यात्री गाड़ियों के लेट होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मालगाड़ियों को समय से गंतव्य तक पहुंचाने एवं यात्री गाड़ियों को भी समयबद्ध किए जाने के चलते फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। लुधियाना से अंबाला तक का काफी कार्य हो चुका है और अब अंबाला से सहारनपुर की ओर कार्य आगे बढ़ रहा है। जिसको लेकर स्टेशन के अधिकारियों में टेंशन बढ़ रही है।
सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर कुछ नए कार्यों के लिए प्रस्ताव भेजे गए थे। जिनमें सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर दो नए प्लेटफार्म का प्रस्ताव भी शामिल है। लेकिन फ्रेट कॉरिडोर में जगह जाने के चलते अब यह प्रोजेक्ट खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। यही नहीं रेलवे कर्मचारियों के बने कुछ आवासों को भी तोड़ा जाएगा।
रेलवे फ्रेट कॉरिडोर की जद में कचहरी पुल, रेलवे इंस्टीट्यूट, पेट्रोल पंप और कुछ अन्य कार्यालय आ रहे हैं। कचहरी पुल की ऊंचाई काफी कम है और लंबाई भी कम है। इसके लिए पुल को तोड़कर ऊंचा किया जाएगा और इसकी लंबाई भी बढ़ाई जाएगी। ऐसे में स्टेशन का पूरा स्वरूप ही बदल जाएगा।
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-- प्रतिदिन गुजरतीं लगभग 40 मालगाड़ियां
सहारनपुर रेलवे स्टेशन से होकर प्रतिदिन 35 से 40 मालगाड़ियां पास हो रहीं हैं। कई बार तो इनकी संख्या 50 तक भी पहुंच जाती है। ट्रैक की व्यस्तता होने के चलते अन्य ट्रेनों का समय प्रभावित हो रहा है। ट्रेनों को काफी समय तक आउटर पर ही लाइन खाली होने के इंतजार में खड़ा रहना पड़ता है।
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-- फ्रेट कोरिडोर की स्थिति
पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर छह राज्यों पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिमी बंगाल को जोड़ते हुए छह भागों में बनाया जा रहा है। अभी पहले खंड का कार्य लुधियाना से खुर्जा के बीच किया जा रहा है। जिसकी दूरी लगभग 404 किलोमीटर की है। यह रेलवे लाइन लुधियाना से अंबाला, सहारनपुर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, खुर्जा तक प्रथम भाग में बनाई जाएगी।
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-- फ्रेट कॉरिडोर के लिए चाहिए काफी जगह
लुधियाना-खुर्जा के बीच में रेलवे फ्रेट कॉरिडोर का काम चल रहा है। फ्रेट कॉरिडोर के लिए काफी जगह चाहिए, इसलिए सहारनपुर में कचहरी पुल, रेलवे स्टेशन, पेट्रोल पंप और इसी लाइन में आने वाले मकानों को हटवाया जाएगा। कचहरी पुल को ऊंचा करने के साथ उसकी लंबाई भी बढ़ाई जाएगी।
---- शिवपाल सिंह, वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक, सहारनपुर