सहारनपुर। भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन की जमानत होने के बाद बृहस्पतिवार की रात को होने वाली रिहाई को ऐन वक्त पर जेल प्रशासन ने रोक दिया। वहीं भीम आर्मी के पदाधिकारी जेल के बाहर देर रात तक राष्ट्रीय अध्यक्ष के बाहर निकलने का इंतजार करते रह गए।
बृहस्पतिवार को भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन की रिहाई को लेकर जमकर नाटक हुआ। 23 अप्रैल को कोर्ट में सरेंडर करने के बाद जमानत की याचिका पर 17 मई को सुनवाई हुई और भीम आर्मी के अधिवक्ता द्वारा जमानत के लिए प्रस्तुत की गई धाराओं पर कोर्ट ने सुनवाई के बाद जमानत की मुहर लगा दी। बृहस्पतिवार की शाम को विनय रतन की रिहाई के लिए परवाना जिला कारागार प्रशासन को भेजा गया। विनय रतन की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो गई। भीम आर्मी के पदाधिकारी भी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की अगवानी के लिए जेल के बाहर पहुंच गए। इंतजार सिर्फ विनय रतन के किसी भी समय बाहर आने का था। विनय रतन जेल से बाहर आने के लिए तैयार भी हो गया, लेकिन ऐन मौके पर उसकी रिहाई पर रोक लगा दी गई। बताया जा रहा है कि विनय रतन को सभी संबंधित धाराओं में जमानत मिल गई थी, लेकिन डकैती की धारा को छिपा लिया गया। उसमें जमानत ही नहीं ली गई। जेल में पहुंचे परवाने की जब बारीकी से जांच की गई तो गलती पकड़ में आ गई। जेल प्रशासन ने तुरंत इसकी रिपोर्ट संबंधित न्यायिक अधिकारी को भेजी और विनय रतन की रिहाई रोक दी।
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-- रिहाई का परवाना आया था, नहीं हो सकी रिहाई
भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन की रिहाई का परवाना बृहस्पतिवार की शाम को पहुंच गया था। रिहाई की प्रक्रिया शुरू करा दी गई थी, लेकिन जमानत की धाराओं का मिलान किया गया तो कुछ धाराएं ऐसी रह गईं, जिनमें जमानत नहीं मिली थी। जिस कर सूचना भेज दी गई है और विनय रतन की रिहाई रोक दी गई है।
-- डाक्टर वीरेश राज शर्मा, वरिष्ठ अधीक्षक, जिला कारागार
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-- डकैती की धारा में नहीं हुई जमानत
विनय रतन की जमानत छोटी-छोटी धाराओं में ही हो पाई है। डकैती की धाराओं में जमानत नहीं हो सकी। जेल में परवाना पहुंचने पर इसकी जानकारी हुई। जिस कारण उसे रिहा नहीं किया गया।
--प्रबल प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर, सहारनपुर