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नहर की जमीन पर काट दी कॉलोनियां, विभाग अनजान

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सहारनपुर। कंपनी बाग नहर के नाम से जानी जाने वाली नहर पर करीब दो किलोमीटर तक कब्जा कर कॉलोनियां काट दी गई हैं। मगर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कब्जाधारियों पर कार्रवाई करना तो दूर की बात मौके पर जाकर देखना तक जरूरी नहीं समझा। आलम यह है कि नहर की बाकी की जमीन पर भी लगातार कब्जे हो रहे हैं। हैरत की बात यह है कि विभागीय अधिकारी इस ओर से अनजान बने हुए हैं।
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बेहट रोड स्थित कुष्ठ आश्रम की बगल से गांव शंकलापुरी को जाने वाले मार्ग के साथ-साथ एक नहर कंपनी बाग तक पहुंचती थी। जिसे कंपनी बाग नहर के नाम से जाना जाता है। यह नहर आसपास के किसानों के खेतों और बागों की सिंचाई के काम आती थी। कंपनी बाग की सिंचाई भी कभी इसी नहर के पानी से होती थी। मगर पिछले करीब 15 साल से नदी पर कब्जे जारी हैं। पहले मोहल्ला गढ़ी मलूक और उसके बाद नूर बस्ती के पास इस नदी को पाट दिया गया, जिसके पर कुछ कब्जों के साथ ही सड़क बना दी गई। इसके बाद कुष्ठ आश्रम से पहले काटी गई कॉलोनी के प्लाट क्रेताओं ने नहर की पटरी और नहर पर इमारतें खड़ी कर दीं। कुष्ठ आश्रम के द्वारा बनाई गई दुकानों के किरायेदारों ने भी दुकानों के सामने टीनशेड निकाली हुई हैं, जो पूरी तरह सड़क पर हैं। उसके आगे कटी कॉलोनियों में सड़क किनारे के प्लाट क्रेताओं ने नहर की पटरी पर कब्जा कर व्यवसायिक और रिहायशी मकान बना लिए हैं। इस मार्ग पर कॉलोनियां काटे जाने का सिलसिला लगातार जारी है। कॉलोनाइजर नहर और उसकी पटरी की जमीन पर लगातार कब्जा कर कॉलोनी में मिला रहे हैं। मगर सिंचाई विभाग इस सब से अनजान बना हुआ है।
अतिक्रमण सड़क निर्माण में भी बन रहा बाधा
शंकलापुरी मार्ग पर ही शंकरपुरी कॉलोनी के बीच विकास प्राधिकरण आरसीसी की सड़क का निर्माण करा रहा है। चूंकि अनेक लोगों ने अपने मकान नहर की जमीन पर कब्जा कर बनाए हैं। ऐसे में वह मकान सड़क के दायरे में आ रहे हैं। इस अतिक्रमण की वजह से कई जगह से सड़क संकरी हो रही है। एक विद्युत ट्रांसफार्मर भी बीच सड़क पर रखा होने की वजह से सड़क निर्माण में अड़चन आ रही है। नतीजा यह है कि विकास प्राधिकरण को ट्रांसफार्मर और सड़क पर हुए कब्जों के पास सड़क का निर्माण रोक देना पड़ा है।
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कब्जा कर नहर को खत्म कर देने की मुझे जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो यह बेहद गंभीर मामला है। मुझसे पहले के अधिकारियों ने निश्चित ही इसपर कोई एक्शन लिया होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जिन भी लोगों ने नहर पर कब्जा किया है उनको नोटिस जारी कर जरूरी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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जलज कुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।
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