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जल और गृह कर समेत अनेक वसूली में पिछड़ा नगर निगम

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जल और गृह कर समेत अनेक वसूली में पिछड़ा नगर निगम
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सहारनपुर। जल कर, गृह कर समेत अनेक तरह की वसूली में नगर निगम के अफसर पिछड़ रहे हैं। इस वर्ष हुई वसूली की पिछले साल से तुलना की जाए तो निगम काफी पीछे हैं। इतना ही नहीं, अनेक विभाग लक्ष्य के सापेक्ष 20 से 25 फीसदी वसूली ही अभी तक कर सके हैं। जबकि हाल ही में जारी हुआ नगर निगम का बजट 472 करोड़ रुपये से अधिक का रखा गया है। ऐसे में नगर निगम के सामने आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया वाली स्थिति बन रही है।
नगर निगम के पास अनेक तरह की वसूली के लिए बड़ी मैन पावर है। इसके बावजूद नगर निगम लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं कर पा रहा है। जानकर हैरानी होगी कि पिछले साल की तुलना में इस बार काफी कम वसूली हुई है। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की शिथिलता की वजह से ही वर्ष 2018-19 की संभावित इनकम में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हो पाई है। नगर निगम की कार्यकारिणी समिति के सदस्यों को इस पर आपत्ति है। समिति सदस्य मंसूर बदर ने बताया कि रिक्शा लाइसेंस बनाने की एवज में वर्ष 2016-17 में नगर निगम ने दो लाख 63 हजार रुपये की कमाई की थी। वर्ष 2017-18 में छह लाख रुपये का लक्ष्य दिया गया था, मगर इस बार मात्र 35 हजार रुपये की ही आय नगर निगम को हुई है, जबकि इस काम के लिए नगर निगम के पास दस से अधिक लोगों का स्टाफ है, जिसके लिए मोटा वेतन नगर निगम से निकलता है। उनका कहना है कि जो अधिकारी या कर्मचारी लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं कर पा रहे हैं उनके वेतन रोके जाएं। प्रत्येक माह उनके काम की मॉनिटरिंग हो। अन्य श्रोतों से आय का भी यही हाल है।
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नाम सार्वजनिक करने से कैसा डर
नगर निगम का गृह और जल कर का करीब 20 करोड़ रुपया बकाया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि गृह कर के बड़े बकायेदारों में अनेक स्कूल और कॉलेजों के नाम तो शामिल हैं ही। इनमें अनेक उद्यमियों और नेताओं तक के नाम शामिल हैं। ऐसे में नगर निगम के अधिकारी बड़े बकायेदारों के नाम सार्वजनिक करने से डरते रहे हैं। एक-एक व्यक्ति पर दस लाख रुपये से अधिक तक का कर बकाया है। वर्ष 2009-10 में तत्कालीन नगरायुक्त ने बड़े बकायेदारों के नाम सार्वजनिक किए थे। जिनके नाम का बड़ा सा होर्डिंग नगर निगम में लगाया गया था। उधर, टीसी केशव प्रसाद का कहना है कि वह सूची तैयार कर रहे हैं। और जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी।

एक अरब 71 करोड़ 20 लाख 51 हजार का लक्ष्य
वर्ष 2018-19 में नगर निगम ने विभिन्न श्रोतों से एक अरब 71 करोड़ 20 लाख 51 हजार रुपये का लक्ष्य रखा है। नगर निगम का कुल बजट 472 करोड़ रुपये से अधिक का है, जिसमें 17120.51 लाख रुपये भी शामिल हैं। ऐसे में यदि शहर के विकास को रफ्तार देनी है तो नगर निगम को वसूली में तेजी लाकर इनकम बढ़ानी होगी।
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प्रमुख श्रोतों से आय और पिछले वर्ष के साथ तुलना
आय का श्रोत लक्ष्य 2017-18 की आय 2016-17 की आय
गृह कर/ संपत्ति कर 1300 लाख 394.82 लाख 628.26 लाख
जल कर 1350 लाख 431.73 लाख 589.12 लाख
सीवर कर 120 लाख 20.17 लाख 69.18 लाख
प्रेक्षागृह कर 10 लाख 00 16 हजार
सर्विस चार्ज 100 लाख 40.46 लाख 44.24 लाख
दुकानों का किराया 70 लाख 27.70 लाख 39.72 लाख
रिक्शा लाइसेंस 06 लाख 35 हजार 2.63 लाख
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वसूली करने में जो भी विभाग या अधिकारी पिछड़े हैं। उनसे जवाब मांगा गया है। वर्ष 2018-19 का भी लक्ष्य जारी हो चुका है। वसूली करने में जिस भी स्तर पर लापरवाही मिलेगी उनके विरुद्घ कार्रवाई होगी।
- गौरव वर्मा, नगरायुक्त।
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