सहारनपुर। पिछले माह लगभग एक दर्जन विदेशी नागरिक धर्म का प्रचार किए जाने और धर्म परिवर्तन कराने के लिए शहर में रहते रहे और दूसरे दल के आने से पहले चले गए, लेकिन पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। खुफिया विभाग द्वारा विदेशी नागरिकों से की गई पूछताछ में इसका खुलासा हुआ। पुलिस ने सभी विदेशी नागरिकों को सहारनपुर से रवाना कर दिया। साथ ही तीन भारतीय लोगों को भी सहारनपुर से भेज दिया गया। खुफिया विभाग ने मंत्रालय को इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
बुधवार को खुफिया एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिए विदेशी नागरिकों से पहले भी विदेशी नागरिकों का एक दल सहारनपुर में आया था और लगभग दो सप्ताह रहने के बाद चला गया। उस दल के जाने के बाद दूसरा दल सहारनपुर पहुंचा तीन भारतीय लोगों के माध्यम से मकान लेकर रहने लगा।
खुफिया एजेंसियों द्वारा की गई पूछताछ में विदेशी नागरिकों ने इसका खुलासा किया। दक्षिण कोरियाई नागरिकों से कुछ दिन पूर्व दिल्ली से ही असम का रहने वाला रणवीर सिन्हा, राजू एवं एक युवती उनके साथ सहारनपुर आई थी। राजू, रणवीर और युवती ने नवीन नगर में मकान लिया और फिर विदेशी नागरिकों को बुला लिया। विदेशी नागरिकों में पांच महिलाएं एवं दो पुरुष शामिल थे। टूरिस्ट वीजा लेकर घूमने के बहाने धर्म का प्रचार किए जाने एवं धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने के आरोप में खुफिया एजेंसियों द्वारा तीनों भारतीयों एवं सात विदेशी नागरिकों को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ की गई। पूछताछ में राजू ने खुफिया एजेंसी को बताया कि इनसे पहले भी सहारनपुर में साउथ कोरिया के नागरिक आए थे और कई दिन यहां रहने के बाद चले गए। उसके बाद यह दूसरी टीम यहां आई। शहर में पहले विदेशी नागरिक रहकर चले गए, लेकिन न तो पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी हो सकी और न ही एलआईयू को ही कुछ पता चल पाया। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि खुफिया विभाग द्वारा पूछताछ के बाद रिपोर्ट संबंधित मंत्रालय को भेज दी गई है। जिसमें टूरिस्ट वीजा लेकर आए विदेशी नागरिकों द्वारा जिस उद्देश्य के लिए वीजा दिया गया था, उससे अलग कार्य करते हुए पाया गया।