सहारनपुर में वर्ष 2016 सहारनपुर के लिए उम्मीदों से भरा होगा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर की मजबूत दावेदारी विकास की संभावनाओं को पंख लगा रहे हैं। सहारनपुर-मुजफ्फरनगर फोर लेन और दिल्ली यमुनोत्री मार्ग के निर्माण से भी दिल्ली की दूरी कम होने की उम्मीद है। मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे जिले के आम-ओ-खास जन को इस नए साल में कई उम्मीदे हैं।
स्मार्ट सिटी की आस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना स्मार्ट सिटी की होड़ में सहारनपुर भी शामिल है। 26 जनवरी को स्मार्ट सिटी बनने वाले 20 शहरों की घोषणा होनी है। मजबूत तैयारी के चलते सहारनपुर की दावेदारी प्रबल मानी जा रही है। इस योजना में चयन होने के बाद पांच हजार करोड़ से शहर की सूरत बदलेगी।
नगर निगम को चुनाव की उम्मीद
नगर निगम का दर्जा मिले पांच साल होने के बाद भी यहां निकाय चुनाव नहीं हो पाया। पहले परिसीमन के चलते चुनाव अटका और फिर सत्ताधारी पार्टी निकाय चुनाव से बच रही है। 2016 में निकाय चुनाव की भी उम्मीद है। इस चुनाव के बाद शहर के विकास को गति मिलेगी।
मूलभूत सुविधाओं की दरकार
शहर को डंपिंग ग्राउंड और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की सबसे ज्यादा दरकार है। यमुना एक्शन प्लान के तहत 800 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट केंद्र में लंबित हैं। ऐसे में उम्मीद है कि इस वर्ष मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे इस शहर को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और डंपिंग ग्राउंड मिल जाए।
कॉलोनियों का नियमितीकरण
शासन स्तर पर कराए गए सर्वे में 2008 के बाद 166 कॉलोनियों को अवैध पाया गया है। इन्हें नियमित करने के लिए सर्वे चल रहा है। अवैध कालोनियों की तीन लाख से अधिक आबादी नए साल में नक्शे में आने की उम्मीद लगाए हुए है। नियमितीकरण के बाद इन कालोनियों में विकास कार्य कराए जा सकेंगे।
लोहिया गांवों का विकास
शासन की महत्वाकांक्षी लोहिया ग्राम योजना वर्ष 2015 में परवान नहीं चढ़ पाई। गांव पूरे साल विकास की बाट जोहते रह गए। सरकारी मशीनरी की लापरवाही के चलते गांवों में विकास का कोई कार्य नहीं हो पाया। अब ग्राम पंचायतों में नए प्रधानों ने कमान संभाल ली है। ऐसे में नए साल में गांवों में विकास की उम्मीद है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी और एमबीबीएस का क्लास तो शुरू हो गई है लेकिन लोगों को इस मेडिकल कॉलेज का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में मेडिकल कालेज में सभी सुविधाएं लोगों को मिलें और गंभीर रोगियों का इलाज के लिए नए साल में उम्मीद है।
राजकीय स्पोर्ट्स कॉलेज
जिले के बेहट क्षेत्र में राजकीय स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण जारी है। इस कॉलेज के भी दो साल पहले ही शुरू होने की संभावना थी लेकिन इसमें भी तमाम अड़चनों ने सपनों पर पानी फेर दिया। शायद नए साल में पूरा हो खिलाड़ियों का सपना।
मिल सकती है फोरलेन की सौगात
जिले में दो महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण की सौगात मिल सकती है। हाल ही में केंद्र सरकार ने दिल्ली-यमुनोत्री सड़क के निर्माण की घोषणा की थी। इसके अलावा राज्य सरकार ने सहारनपुर-मुजफ्फरनगर फोरलेन का काम शुरू करा दिया है। ऐसे में इस साल में इन सड़कों के काम पूरा हो सकता है।
रेललाइन दोहरीकरण की सौगात
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा पांच जनवरी को मुजफ्फरनगर से टपरी के बीच रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना को हरी झंडी दिखाएंगे। इससे वर्षों से सिंगल लाइन के चलते दिल्ली के लेट लतीफ सफर से निजात मिलेगी। इसके अलावा इसी वर्ष मेरठ-सहारनपुर दोहरीकरण का सपना भी पूरे होने की उम्मीद है।
टीपी नगर योजना
शहर को भारी भीड़ और जाम से निजात दिलाने के लिए आठ साल से अटकी टीपीनगर योजना में ट्रांसपोर्ट कारोबार शिफ्ट होना है। नए साल में परिवहन व्यवसायी तैयार हुए हैं। प्रशासन ट्रांसपोर्ट कारोबार को टीपीनगर में शिफ्ट करने की कवायद कर रहा है। इस वर्ष टीपीनगर पूरी तरह से बसने की उम्मीद है।
मल्टीसेक्टोरियल योजना
अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में 30 से अधिक विभागों के सहयोग से 20 से अधिक बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराने की जद्दोजहद में कुछ खास नहीं हो पाया है। नए साल में ही नए आंगनबाड़ी केंद्र, नए स्कूल, नए स्वास्थ्य केंद्र और नए पेयजल साधनों को बेहतर करने की तैयारी है।
कायम रहे कानून व्यवस्था
दंगे का दंश झेल रहे जिले में कानून व्यवस्था पटरी से उतर गई है। हालांकि वर्ष 2015 में कुख्यात राहुल खट्टा को एनकाउंटर में ढेर कर पुलिस ने अपना इकबाल बुलंद किया लेकिन अब बदमाश बेखौफ हो रहे हैं। उम्मीद है कि इस वर्ष कानून व्यवस्था दुरुस्त होगी।
भ्रष्टाचार पर भी लगे लगाम
जिले में भ्रष्टाचार ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। भ्रष्टाचार से आम जनता का जमकर शोषण हुआ है। सरकारी महकमों में जमी इसकी जड़ों को इस साल उखाड़ फेंकने की आस है। लोगों को उम्मीद है कि नए साल में हालत बदलेंगे।