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मौत के सौदागरों को मिले फांसी की सजा

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सहारनपुर। जहरीली शराब से हुई लोगों की मौत के मामले में सामाजिक संगठनों ने आरोपियों को फांसी की सजा दिए जाने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। ऐसा न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
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बेहट रोड स्थित कार्यालय पर सम्यक संघ की बैठक में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। जिलाध्यक्ष फूल सिंह सैनी ने कहा कि पुलिस और आबकारी विभाग की साठगांठ से कच्ची शराब निकाली जाती है। मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए फांसी की सजा और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए। इस दौरान तिलक राज सैनी, भरत सिंह, राजेश सैनी, महेंद्र सैनी, अरविंद कुमार, ऋषिपाल, शिव कुमार सैनी, धूम सिंह, इमरान मलिक, पप्पू देवला, प्रवीन कुमार, राजकुमार मौजूद रहे।
उधर, भारतीय मूल निवासी सम्यक संघ ट्रस्ट के प्रतिनिधि मंडल ने डीएम को ज्ञापन देकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। अध्यक्ष बादल सिंह बौद्ध ने कहा कि आरोपियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान प्रिया गौतम, संजय तेगवाल, हरि सिंह शामिल रहे।
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वहीं, अखंड भारत विकास पार्टी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार अवतार सिंह मिगलानी व महासचिव सतेंद्र कुमार ने जहरीली शराब के आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने, इनकी संपत्ति नीलाम कर पीड़ित लोगों की मदद करने, मृतक आश्रितों को दस-दस लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी देने मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सत्ता के नशे में चूर है। जब कोई बड़ी घटना होती है तो मुआवजा देकर सरकार सो जाती है। इस दौरान अरविंद चौधरी, महासचिव रमेश ग्रोवर, उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष शिब्बू कर्णवाल, सरदार देशवीर सिंह, स्वर्ण सिंह, ममता शर्मा, हरीश धीमान, सलीम अहमद, संजय रसवंत, बिजेंद्र कश्यप, सरदार हरजीत सिंह मौजूद रहे।
वहीं, दलित महासभा के पदाधिकारियों ने गांव उमाही, खजूरी, गागलहेड़ी, सलेमपुर, कोलकी, शरबतपुर, खेड़ा मुगल में मृतकों के परिजनों से मुुलाकात की। अध्यक्ष राहुल भारती ने कहा कि मरने वाले सभी लोग गांव बालुपुर में रस्म पगड़ी में शामिल होने नहीं गए थे। गांव में ही कच्ची शराब सप्लाई की जाती है। समय रहते कार्रवाई होती, तो लोगों की जान बच जातीं। उन्होंने मृतक आश्रितों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान राजकुमार, राजेंद्र कुमार, सत्यपाल प्रधान, इसरार प्रधान, रूपचंद, मुकेश लांबा, शमशेर सिंह गौतम, प्रवीन कुमार मौजूद रहे। वहीं, उत्तर प्रदेश महिला अधिकार मंच की अध्यक्ष पुनीता गौतम ने इस मामले में डीएम एसएसपी को हटाने, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की है।
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