सहारनपुर। लापता हुए कपड़ा व्यापारी ने लोनी से मिलने के बाद पुलिस को अपहरण की उलझी हुई कहानी बताई। पुलिस के बार-बार पूछने के बावजूद व्यापारी पूरा घटनाक्रम साफ नहीं बता सका। बाद में उसने पुलिस को अपनी मर्जी से ही जाने की बात लिखकर दे दी।
सदर कोतवाली के मिशन कंपाउंड निवासी कार्तिक सुखीजा शहर के रायवाला में कपड़े की दुकान करते हैं। शनिवार को वह संदिग्ध हालात में लापता हो गए थे। दोपहर बाद उन्होंने परिजनों को कॉल करके कहा था कि मेरी जिंदगी खतरे में है। इससे अपहरण का शोर मचने पर परिजनों में दहशत पसर गई थी और पुलिस में हड़कंप मच गया था। शाम को कार्तिक सुखीजा गाजियाबाद के लोनी में मिल गए थे। कार्तिक ने जो कहानी पुलिस को सुनाई है, वह पुलिस के गले नहीं उतर रही है।
सदर कोतवाली प्रभारी अशोक सोलंकी ने बताया कि पूछताछ में कार्तिक ने बताया कि वह दुकान पर पहुंच गया था, लेकिन उसे याद आया कि वह गल्ले की चाबी घर ही भूल आया है। जिस पर वह चाबी लेने वापस आया। जब वह खलासी लाइन रेलवे फाटक के पास पहुंचा तो उसका स्कूटर अनियंत्रित होकर गिर गया। उसी समय उसके पास आकर एक स्कॉर्पियो रुकी। स्कार्पियो से एक व्यक्ति उतरा और उसे पानी पिलाकर डॉक्टर को दिखाने की बात कह कर अपनी कार में बैठा लिया। उससे कहा कि उसका दूसरा साथी स्कूटर लेकर साथ चल रहा है। स्कार्पियो में बैठने के बाद उसे होश नहीं रहा था और जब होश आया तो खुद को एक जगह ढाबे पर बेंच पर लेटा पाया। जबकि स्कॉर्पियो सवार चार लोग वहां बैठे खाना खा रहे थे। वह उठकर बाथरूम चला गया। जब बाहर आया तो स्कॉर्पियो और वह लोग गायब थे, जबकि चाबी लगा उसका एक्टिवा स्कूटर वहीं खड़ा था। जिसे लेकर वह जैसे ही चला तो दोबारा स्कार्पियो सवार पीछा करते दिखाई दिए। उसने मुरथल में जाकर अपनी मां को फोन पर अपहरण की बात बताई थी। तभी हड़बड़ी में उसका फोन गिर गया और स्कॉर्पियो को पीछे आता देख फिर से भाग निकला। रास्ते में दिल्ली के समीप होने का बोर्ड लगा देखकर स्कूटर से दिल्ली पहुंच गया था, जहां उसका चालान भी कटा और वहां से होते हुए लोनी आ गया था। वहां से एक व्यक्ति का फोन लेकर अपने लोनी में पहुंचने की जानकारी दी थी।
कहानी को पुलिस ने बताया संदेहास्पद
सदर कोतवाली प्रभारी अशोक सोलंकी का कहना है कि व्यापारी द्वारा बताई जा रही कहानी संदेहास्पद है। व्यापारी को जबरन ले जाने के बाद बेंच पर लिटाया जाना, स्कूटर साथ ले जाना, स्कॉर्पियो से फिर पीछा करना, यह सब मामले को उलझा रहा है। फिर भी मामले की जांच की जा रही है। हालांकि कार्तिक ने यह भी लिखकर दे दिया है कि वह खुद ही चला गया था। परिजन इस मामले में कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।