सहारनपुर। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा एससी, एसटी वर्ग के शिक्षकों को पदावनत करने की कार्रवाई के विरोध में बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। विभागीय अधिकारियों पर कोर्ट के आदेश का उल्लंघन और शिक्षकों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया। पदावनति से जुड़ा आदेश वापस नहीं लेने की स्थिति में सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई।
एससी, एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले चल रहे धरने पर जिलाध्यक्ष राकेश नौटियाल और जिलामंत्री सुरेंद्र कुमार ने कहा कि सहारनपुर में एससी, एसटी वर्ग के शिक्षकों की जो भी पदोन्नति हुई हैं वह बैकलॉग के तहत हुई हैं। कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि बैकलॉग से हुई पदोन्नति के साथ छेड़छाड़ नहीं की जाए। ऐसे में विभाग बैकलॉग से पदोन्नति पाए शिक्षकों को न तो पदावनत कर सकता है और न ही उनका वेतन रोक सकता है। यदि बीएसए ने ऐसा किया तो वह कोर्ट के आदेश की अवहेलना होगी। शिक्षकों के हितों के लिए संगठन संवैधानिक तरीके से अपनी लड़ाई लड़ेगा और न्याय पाकर रहेगा। कोषाध्यक्ष मुकेश लांबा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुंवर सिंह बर्मन ने चेतावनी दी कि यदि बीएसए ने दो नवंबर को जारी किया पदावनति से जुड़ा आदेश वापस नहीं लिया तो संगठन लंबी लड़ाई लड़ेगा। धरने में इसम सिंह, सीताराम सहगल, सुरेंद्र कुमार, मुकेश लांबा, मान सिंह बर्मन, अनिल बावरे, अजय कुमार, योगिता पालीवाल, विमल किशोर मौर्य, विक्रम सिंह, मेमता सिंह, सीमा, ममता, अभिलाषा, विजयपाल सिंह, अटल बहादुर सिंह, अजीत सिंह, कुंवर सिंह कपिल, राजवीर सिंह, श्यामलाल, रजनीश, जोगेंद्र सिंह आदि शामिल रहे। उधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि विभाग ने कोर्ट के आदेश के अनुपालन में ही कार्यवाही शुरू की है, मगर अभी पदावनत होने वाले शिक्षकों की कोई लिस्ट जारी नहीं हुई है। आगे भी कोर्ट के जैसे आदेश होंगे उनका अनुपालन कराया जाएगा।