सहारनपुर। नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग जनवरी में होने वाले शहर के स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों में जुटा है। सर्वेक्षण में सहारनपुर की रैंकिंग सुधारने के लिए नगरायुक्त, सेनेटरी इंस्पेक्टरों और सफाई नायकों के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा कर रहे हैं। प्रतिदिन समीक्षा करने का मकसद तैयारियों में गंभीरता लाना है।
पिछले वर्ष देश भर के एक हजार शहरों पर हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में सहारनपुर की 245वीं रैंक आई थी। 2019 का सर्वेक्षण जनवरी 2019 में होना है, जिसके लिए केंद्र सरकार की टीम पहुंचेगी। तैयारियों में नगर निगम वार्डों में साफ-सफाई कराने के साथ ही टूटी नालियों को दुरुस्त कराने और सीवर में भी सुधार ला रहा है। निगम की टीम गंभीरता के साथ कार्य कर रही है या नहीं? इसके लिए नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने कमान खुद अपने हाथ में ली है। वह सेनेटरी इंस्पेक्टरों और सफाई नायकों के कार्य की प्रतिदिन समीक्षा कर रहे हैं।
जन-जन को जोड़ने की कोशिश
स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंक पाने के लिए नगर निगम प्रत्येक नागरिक को सर्वेक्षण से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए बाकायदा पंपलेट प्रकाशित कराए गए हैं। यह पंपलेट नगर निगम के सभी 70 वार्डों में लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। पंपलेट पर नगरवासियों से शहर को साफ बनाने में सहयोग मांगा गया है। वहीं, स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए तैयार किए गए एप पर कैसे शिकायत की जानी है इसके बारे में भी बताया गया है।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में हमने पहला नंबर लाने का लक्ष्य रखा है। उसी के अनुरूप हम काम करने की कोशिश कर रहे हैं। सेनेटरी इंस्पेक्टरों और सफाई नायकों के कार्यों की हम लगातार समीक्षा कर रहे हैं। अलग-अलग वार्डों में जाकर तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है। नागरिकों से अपील है कि नगर निगम का सहयोगी बनें और अपने शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए आगे आएं।
- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।