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नदियों को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए सौंपा ज्ञापन

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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। हिंडन, कृष्णा एवं काली नादियों को प्रदूषण से बचाने के लिए भूख हड़ताल कर रहे बाबा मंगलगिरी बुधवार को तहसील पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी है, कि यदि 20 दिन के भीतर शासन प्रशासन ने नदियों को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो वह पुन: अनशन केे लिए बाध्य होंगे और अनशन से भी समाधान नहीं हुआ तो समाधि ले लेंगे।
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बाबा मंगलगिरि थाना बड़गांव क्षेत्र के महेशपुर गांव के शिवमंदिर में पांच दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठे हैं। भूख हड़ताल के चलते बुधवार को बाबा मंगलगिरी ने ग्रामीणों के साथ तहसील मुख्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री से संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने लिखा है, कि वह बाबा मंगलगिरी महाराज श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा हरिद्वार हाल तपोस्थली माता बाला सुंदरी मंदिर परिसर देवबंद वर्ष 2006 से पावनी नादियों हिंडन, कृष्णा एवं काली को प्रदूषण से बचाने व पर्यावरण की रक्षा हेतु शासन प्रशासन से गुहार लगा रहे है। नदियों में फैक्ट्रियों को गंदा पानी व प्रदूषित पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदियों का जल प्रदूषित हो रहा है। इन नदियों के किनारे बसे गांव भंहेड़ा खेमचंद, शिमलाना, महेशपुर, चिराऊ, भगवानपुर आदि गांवों का पेयजल भी प्रदूषित हो रहा है, जिससे गांव में लोग बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने इन नदियों को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए मई 2012 में गांव शिमलाना में आमरण अनशन किया था। उस समय शासन की ओर से स्वतंत्र प्रभार मंत्री स्वर्गीय राजेंद्र सिंह राणा ने आश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया था लेकिन शासन स्तर से कुछ नहीं किया गया। उसके बाद 2014 एक बार फिर से हिंडन नदी के किनारे भगवानपुर गांव में पुन: अनशन किया था। सांसद राघव लखनपाल शर्मा व एसडीएम रामपुर ने नदियों को प्रदूषण मुक्त कराने का आश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया। परंतु आज तक शासन प्रशासन ने इन नदियों को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की।
अब पुन: राष्ट्रीय जल बिरादरी संस्थापक राजेंद्र सिंह के मार्ग दर्शन में जनहित के लिए नादियों के प्रदूषण मुक्त कराने के लिए आंदोलनरत हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 20 दिन के अंदर शासन प्रशासन ने नदियों को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए कोई ठोस कदम नही उठाया तो वह पुन: अनशन केे लिए बाध्य होंगे और अनशन से भी समाधान नही हुआ तो समाधि लेंगे। इस मौके पर कृष्णपाल, जनरल सैनी, एडवोकेट कुलदीप सिंह, प्रवीन कुमार आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
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