दलितों पर कार्रवाई के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण
सहारनपुर। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण द्वारा जेल में शनिवार से भूख हड़ताल शुरू करने के बाद भीम आर्मी से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव में धरना देकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। दलित आंदोलन में न्याय दिलाने की मांग के साथ ही चंद्रशेखर को रिहा किए जाने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की गई।
जिला कारागार में रावण के भूख हड़ताल पर होने का पता चलते ही भीम आर्मी से जुड़े कार्यकर्ता एवं अन्य पदाधिकारी भी भूख हड़ताल के लिए घरों से निकल पड़े। रविवार को बेहट के ग्राम हौजखेड़ी में महिलाएं भूख हड़ताल पर बैठ गईं। महिलाओं ने पुलिस और प्रशासन के साथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने चंद्रशेखर उर्फ रावण को भी जेल से रिहा किए जाने की मांग की। बेहट के ग्राम जॉनीपुर में जिला प्रवक्ता सन्नी गौतम, ब्लॉक मुजफ्फराबाद अध्यक्ष प्रदीप खोदनाल, ब्लॉक सचिव मिन्टू गौतम, जानीपुर ग्राम अध्यक्ष अंकित, पंकज, मुनेश देवी, सोनम, मोनिका, दीपा, शिवानी, सियाराम, अन्नू देवी भूख हड़ताल पर बैठे। उन्होंने नारेबाजी कर भारत बंद में हुई हिंसा की सीबीआई जांच कराने, हिंसा में मारे गए दलितों को 15-15 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने, बेगुनाह दलितों पर से झूठे मुकदमे वापिस लिए जाने और बेगुनाह दलितों की हो रही गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की।
बेहट के मोहल्ला खालसा के रविदास मंदिर में नगर प्रचार मंत्री मोहित आंबेडकर और ब्लाक प्रमुख प्रमोद कुमार एवं संजू धारीवाल के नेतृत्व में भूख हड़ताल की गई। ग्राम रामगढ़, नया गांव, रामनगर समेत कई गांवों में भीम आर्मी के पदाधिकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।
रामनगर में भूख हड़ताल कर रहे जिलाध्यक्ष कमल वालिया, प्रवक्ता मंजीत सिंह नौटियाल, टिंकू कपिल, अजय गौतम, प्रवीण गौतम ने कहा कि जब तक दलितों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे वापस नहीं होंगे, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। अभी अन्न छोड़ा है, फिर पानी भी छोड़ देंगे। समाज के लिए अंतिम समय तक लड़ते रहेंगे।
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शांतिपूर्वक करेंगे भूख हड़ताल
भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया ने कहा कि भीम आर्मी द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल की जा रही है। धीरे-धीरे हर गांव और ब्लॉक में भूख हड़ताल पर लोग बैठते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी से भूख हड़ताल के लिए नहीं कहा है। सभी चंद्रशेखर उर्फ रावण के समर्थन में और दलितों को न्याय दिलाने के लिए भूख हड़ताल कर रहे हैं।