नकुड़ (सहारनपुर)। नगर में चल रही रामलीला के दूसरे दिन अयोध्या में श्रीराम जन्म का मनोहारी मंचन किया गया।
श्री रामलीला भवन में आयोजित श्री रामलीला मंचन के दूसरे दिन रावण और उसके भाई कुंभकरण तथा विभीषण ने ब्रह्मा जी की तपस्या कर उन्हें प्रसन्न किया। ब्रह्मा जी से तीनों भाईयों ने वरदान प्राप्त किए। रावण द्वारा लंका पर कब्जा करने तथा रावण और मंदोदरी विवाह के संवादों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। उधर, अयोध्या नगरी में राजा दशरथ के यहां श्रीराम जन्म का मंचन हुआ। श्रीराम के जन्म पर पंडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। मेघनाथ द्वारा देवराज इंद्र के साथ युद्ध के संवादों को भी दर्शकों ने खूब सराहा। इससे पूर्व दूसरे दिन की लीला का उद्घाटन नगरपालिका सभासद राकेश वर्मा एवं रामलीला कमेटी के संरक्षक सरस गोयल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कमेटी के उपाध्यक्ष पंकज जैन ने बताया कि नकुड़ नगर में चैत्र मास में रामलीला की अद्भुत परंपरा है, क्योंकि यहां रावण वध नही, बल्कि राम जन्म को आधार बनाकर रामलीला का मंचन किया जाता है। इस अवसर पर श्रीराम लीला महोत्सव 2018 के प्रधान भूपेंद्र गुप्ता, महामंत्री हरीश गर्ग, कोषाध्यक्ष सोहन गुप्ता, उपाध्यक्ष पंकज जैन, मंत्री मनोज मित्तल, अनुज मित्तल, अनिल गोयल, अंकित गोयल, संजीव जैन, वर्धन जैन, सुरेश नामदेव, बिजेंद्र नारायण, ऋषिपाल शर्मा, रमेश चंद, संजय, सतीश व शैंकी आदि रहे।